अडानी समूह के स्वामित्व वाली अंबुजा सीमेंट्स ने वित्त वर्ष 202526 की चौथी तिमाही के शानदार नतीजे घोषित कर दिए हैं, और इन आंकड़ों ने बाजार विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. कंपनी के मुनाफे में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 78 फीसदी का भारी उछाल देखने को मिला है.

मुनाफे की तेज रफ्तार, 78% बढ़ा प्रॉफिट
मार्च में खत्म हुई चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 1,830 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है. अगर हम पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि से इसकी तुलना करें, तो यह आंकड़ा 1,025 करोड़ रुपये था. यह 78% की बढ़त कंपनी की मजबूत बिक्री और बेहतर परिचालन को दर्शाती है. सिर्फ मुनाफा ही नहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी 10% बढ़कर 10,892 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा तिमाहीदरतिमाही आधार पर है. पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 664% की विशाल वृद्धि दर्ज की गई है.
बैंक खाते में आएगा डिविडेंड का पैसा
कंपनी की कमाई बढ़ने का सीधा फायदा उसके निवेशकों को भी मिलने जा रहा है. अंबुजा सीमेंट्स के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 202526 के लिए अपने शेयरधारकों को 2 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है. कंपनी ने इसके लिए 12 जून, 2026 की तारीख को ‘रिकॉर्ड डेट’ तय किया है. आसान शब्दों में कहें तो, इस दिन जिन लोगों के डीमैट खाते में कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें इस लाभांश का फायदा मिलेगा. शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी के बाद यह रकम 1 जुलाई, 2026 या उसके बाद निवेशकों के खातों में आनी शुरू हो जाएगी.
कंपनी ने 19.9 मिलियन टन सीमेंट बेचा
अंबुजा ने इस तिमाही में अपनी अब तक की सबसे अधिक बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है. कंपनी ने कुल 19.9 मिलियन टन सीमेंट बेचा, जो सालाना आधार पर 10% की ग्रोथ है. निवेशकों का भरोसा बढ़ाने वाली एक और बात यह है कि कंपनी पूरी तरह से कर्जमुक्त बनी हुई है. इसका ऑपरेटिंग मार्जिन 13.4% रहा. विस्तार की दिशा में तेज कदम बढ़ाते हुए कंपनी ने जोधपुर में 3 MTPA क्षमता वाली लाइन शुरू कर दी है. साथ ही दाहेज में भी नई लाइन का ट्रायल रन जारी है. इसके अलावा, सांघी और पेन्ना सीमेंट का अंबुजा के साथ विलय भी पूरा हो गया है, जिससे बाजार में कंपनी की पकड़ और मजबूत हुई है.
कमजोर मानसून बिगाड़ सकता है खेल
भले ही नतीजे शानदार रहे हों, लेकिन प्रबंधन ने भविष्य की कुछ चुनौतियों को लेकर सतर्क भी किया है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण ईंधन और डीजल की लागत बढ़ी है. इसके अलावा रुपये की कमजोरी ने भी मुनाफे पर दबाव डाला है, और यह स्थिति वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक बनी रह सकती है. कंपनी के सीईओ विनोद बाहेती के अनुसार, इन चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए मजबूती का साल रहा, जिसमें रिकॉर्ड 73.7 मिलियन टन की वार्षिक बिक्री और 40,656 करोड़ रुपये का कुल रेवेन्यू हासिल किया गया. हालांकि, कमजोर मानसून के शुरुआती अनुमानों और भूराजनीतिक तनावों को देखते हुए प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2027 के लिए सीमेंट उद्योग की मांग में मात्र 5% की ग्रोथ की उम्मीद जताई है.



