Bihar

एक नींबू के चक्कर में उजड़ गई इस अभागे पिता की पूरी दुनिया, रुला देगा बिहार का ये मामला

Nalanda News: बिहार के नालंदा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है. यहां महज एक नींबू उठाने की कीमत एक मासूम बच्चे को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. जिले के सकरावां गांव में 12 वर्षीय शुभम कुमार उर्फ झगड़ू की लाठियों से पीटपीटकर हत्या कर दी गई. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव फैल गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया है.

एक नींबू के चक्कर में उजड़ गई इस अभागे पिता की पूरी दुनिया, रुला देगा बिहार का ये मामला
एक नींबू के चक्कर में उजड़ गई इस अभागे पिता की पूरी दुनिया, रुला देगा बिहार का ये मामला

दिल दहला देने वाली ये घटना मंगलवार की है. मृतक शुभम अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था. चश्मदीदों के अनुसार, तेज हवा चलने के कारण एक बागान के पेड़ से नींबू टूटकर जमीन पर गिर गया था. शुभम ने दौड़कर वह नींबू उठा लिया, जिसे देख बागान मालिक गोरख मियां आगबबूला हो गया. उसने अपना आपा खोते हुए मासूम के सिर पर लाठी से जोरदार प्रहार किया. वार इतना घातक था कि शुभम वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा. परिजन उसे तत्काल बिहार शरीफ अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया.

आक्रोशित ग्रामीणों का पुलिस पर पथराव

शुभम की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया. गुस्से से तमतमाए ग्रामीणों ने मासूम का शव लेकर आरोपी के घर की ओर कूच किया. जब पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो भीड़ का गुस्सा पुलिस पर ही फूट पड़ा. ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर जमकर पत्थरबाजी की, जिसमें कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को अंततः लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गिरफ्तारियां

गांव में फैले तनाव को देखते हुए नालंदा के डीएम कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने खुद मोर्चा संभाला. वर्तमान में गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है. अफवाहों को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए करीब 12 थानों की पुलिस गांव में गश्त कर रही है. SP भारत सोनी के अनुसार, अब तक हिंसा और उपद्रव के मामले में 12 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है.

एक पिता का छलका दर्द

मृतक शुभम के पिता राजकुमार पासवान पटना में ऑटो चलाकर परिवार का भरणपोषण करते हैं. बदहवास पिता ने बताया कि पिछले साल ही उन्होंने अपने एक बेटे को बीमारी के कारण खोया था और अब दूसरे बेटे की इस क्रूर हत्या ने परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है. वहीं, गांव की महिलाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय ग्रामीणों को ही प्रताड़ित कर रहा है.

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