शेयर बाजार में जारी उतारचढ़ाव के बीच सॉफ्टवेयर कंपनी रैमको सिस्टम्स के शेयरों ने तहलका मचा दिया है. 30 जून को जहां देश की दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर भारी दबाव में टूट रहे थे, वहीं रैम科 सिस्टम्स का शेयर सुबह के कारोबार में 7 फीसदी से ज्यादा उछलकर 850 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. बीते महज एक महीने में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को करीब 90 फीसदी का बंपर रिटर्न दिया है. कंपनी के पांच साल बाद घाटे से उबरकर मुनाफे में लौटने की वजह से निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं, जिससे बाजार में इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी बढ़ गया है.

52हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचा भाव
रैमको सिस्टम्स के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तूफानी तेजी देखी जा रही है. 29 जून को भी इस शेयर ने बाजार की सुस्ती के बावजूद बड़ी छलांग लगाई थी, जिसके बाद यह अपने 52 हफ्ते के नए शिखर पर पहुंच गया था. अगले ही दिन यानी 30 जून को सुबह 10:15 बजे यह स्टॉक 7.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 850 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. आम निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि जब बाजार में बड़ेबड़े हैवीवेट शेयर गिर रहे हों, तब इस तरह के शेयरों में आई तेजी पूरे पोर्टफोलियो को सहारा देती है. इस शेयर में खरीदारों की भारी दिलचस्पी से इसकी कुल मार्केट वैल्यूएशन में अचानक बड़ा उछाल आया है.
पांच साल बाद कंपनी की मुनाफे में जोरदार वापसी
इस तूफानी तेजी के पीछे कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजे और बेहतर बिजनेस आउटलुक हैं. रैमको सिस्टम्स मुख्य रूप से वर्ल्डक्लास एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स, मल्टीटेनेंट क्लाउड और मोबाइल आधारित एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म बनाने का काम करती है. कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, उसने वित्त वर्ष 202526 में 41.84 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है. गौर करने वाली बात यह है कि साल 2021 के बाद यह पहला मौका है जब कंपनी घाटे से बाहर निकलकर मुनाफे में आई है. लंबे समय बाद मिली इस कामयाबी ने निवेशकों का भरोसा कंपनी पर दोबारा मजबूत कर दिया है.
चौतरफा गिरावट के बीच शेयर बाजार का हाल
जिस समय रैमको सिस्टम्स का शेयर बाजार में रॉकेट बना हुआ था, उस समय पूरे शेयर बाजार का मूड काफी बिगड़ा हुआ था. 30 जून को सुबह 10:25 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 0.34 फीसदी यानी 55 अंकों की कमजोरी के साथ 23,892 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स भी 0.15 फीसदी यानी 109 अंक गिरकर 76,615 पर आ गया था. हालांकि, बाद में इंडेक्स में कुछ रिकवरी जरूर दिखी, लेकिन आईटी सेक्टर की कमजोरी ने बाजार पर दबाव बना हुआ है.
अमेरिकी बाजार की तेजी बेअसर
भारतीय आईटी सेक्टर के लिए 30 जून का दिन काफी निराशाजनक साबित हुआ. एक दिन पहले 29 जून को अमेरिकी शेयर बाजारों, विशेषकर टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डेक में शानदार बढ़त दर्ज की गई थी. इसके बावजूद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर सुबह से ही भारी दबाव देखा गया और निफ्टी आईटी इंडेक्स लाल निशान में चला गया. देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार टीसीएस और इंफोसिस के शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. इस चौतरफा मंदी के बीच भी रैमको सिस्टम्स का टिके रहना इसकी आंतरिक वित्तीय मजबूती को दर्शाता है.
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.



