लाल किले पर पीएम मोदी ने देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी. आजादी हमारे लिए बहुत ज्यादा मायने रखती है क्योंकि इसे हासिल करने के लिए वीरों ने अपना बलिदान दिया. पीएम मोदी लाल किले की भूमि से भारतीयों को संबोधित भी करते हैं. हर बार उनकी पगड़ी/साफी अलग अंदाज में होने की वजह से सुर्खियों में आता है. पीएम की पगड़ी हर बार कोई न कोई खास संदेश जरूर देती है. 2026 के स्वतंत्रता दिवस पर पीएम ने पगड़ी पहनी वो बंधेज स्टाइल है. इस प्रिंट का राजस्थान और गुजरात में बहुत चलन है.

पगड़ी के जरिए पीएम मोदी फिर से वोकल फोर लोकल का मैसेज देते हुए नजर आए. पीएम के मुताबिक हमें अपने देश में बनने वाली चीजों को ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए. चलिए आपको बताते हैं इस पगड़ी में ऐसा क्याक्या खास है?
बंधेज पगड़ी में ऐसा क्या खास
इस पगड़ी की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे हाथों से तैयार किया गया है और ये हस्तकला टाई एंड डाई पर फोकस है. ऐसे कपड़ों को धागों से बांधकर और फिर रंग डालकर तैयार किया जाता है. राजस्थानी और गुजराती खास समारोह में इस तरह पगड़ी पहनते हैं. खास बात है कि ये सिर्फ एक पहनावा नहीं है बल्कि राजस्थानी संस्कृति की बेहतरीन झलक को दर्शाने का तरीका भी है.
इस प्रिंट की पगड़ी सम्मान, गौरव और उत्सव का प्रतीक है. भारतीय कारीगर इसे बनाने में कड़ी मेहनत करते हैं. इसलिए पीएम द्वारा पहनी गई ये पगड़ी वोकल फॉर लोकल का मैसेज भी देती है.
पगड़ी से जुड़ी खास बातें
- पगड़ी के प्रिंट की बात करें तो इसमें छोटे सफेद बिंदु हैं और इसका कलर गहरे लाल रंग का है. यहीं बंधेज पगड़ी की कला है और पहचान मानी जाती है.
- पीएम की पगड़ी लाल रंग की है और उस पर छोटेछोटे सफेद बिंदु भी है. राजस्थानी और गुजरात समेत देश के अधिकतर हिस्सों में लोग लाल रंग को शुभ, शक्ति, जोश और उत्सव का प्रतीक मानते हैं.
- ये पगड़ी एक अलग ही उत्साह और सम्मान को दर्शाती है. इसलिए राजस्थानगुजरात में शादी, पार्टी या किसी दूसरे समारोह में बड़ेबुजुर्ग बंधेज पगड़ी को जरूर पहनते हैं.
पीएम मोदी के पूरे लुक की बात करें तो उन्होंने इसे सफेद कुर्तापायजामा, चॉकलेटब्राउन वेस्ट और तिरंगे रंग के पॉकेट स्क्वायर के साथ पहना. ऊपर डार्क ब्राउन कलर की हाफ जैकेट पहनी हुई थी. सफेद कुर्ते पर लाल रंग की बंधेज पगड़ी शानदार लग रही.



