
हमारे शरीर में दो ऐसे अंग हैं जो दिन रात बिना रुके काम करते हैं किडनी और लिवर
किडनी का काम शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है जबकि लिवर भोजन को प्रोसेस करने पोषक तत्वों को संग्रहित करने और शरीर की अनेक महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है
समस्या यह है कि इन अंगों में होने वाला नुकसान अक्सर शुरुआती चरणों में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देता जब तक जांच रिपोर्ट में बदलाव दिखाई देते हैं तब तक स्थिति काफी आगे बढ़ चुकी हो सकती है
अच्छी बात यह है कि स्वस्थ जीवनशैली और कुछ पारंपरिक खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके इन अंगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है
जौ का पानी
जौ को आयुर्वेद में महत्वपूर्ण माना गया है
इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को सहारा दे सकता है कई लोग जौ का पानी नियमित रूप से पीना पसंद करते हैं क्योंकि यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है
सुबह और शाम हल्का जौ का पानी पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है
खीरा और नींबू
खीरे में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे शरीर को पर्याप्त जल मिलता है
नींबू में विटामिन सी और अन्य लाभकारी तत्व पाए जाते हैं पर्याप्त पानी और संतुलित आहार किडनी तथा संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं
दोपहर में एक खीरा और सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा होता है
आंवला
आंवला आयुर्वेद का एक प्रसिद्ध रसायन माना जाता है
यह एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है आयुर्वेदिक ग्रंथों में आंवला को दीर्घायु पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है
सुबह एक से दो ताजे आंवले या सीमित मात्रा में आंवला रस का सेवन किया जा सकता है
हल्दी और काली मिर्च
हल्दी भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है
हल्दी में पाए जाने वाले तत्वों पर आधुनिक विज्ञान लगातार शोध कर रहा है पारंपरिक रूप से इसे सूजन कम करने और स्वास्थ्य को सहयोग देने वाला माना जाता है
काली मिर्च के साथ लेने पर इसके कुछ सक्रिय तत्वों का अवशोषण बेहतर हो सकता है
रात में हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च वाला दूध या गुनगुना पानी लिया जा सकता है
सहजन यानी मोरिंगा
यदि किसी एक देसी पौधे को सुपरफूड कहा जाए तो सहजन उसका मजबूत दावेदार माना जाता है
इसकी पत्तियां फलियां और पाउडर पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं आयुर्वेद में भी सहजन का विशेष महत्व बताया गया है
सहजन की सब्जी दाल में इसकी पत्तियां या सीमित मात्रा में मोरिंगा पाउडर को आहार में शामिल किया जा सकता है
लेकिन केवल ये पांच चीजें ही पर्याप्त नहीं हैं
यदि आप वास्तव में किडनी और लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं तो कुछ आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है
इन गलतियों से बचें
अत्यधिक नमक का सेवन
बिना डॉक्टर की सलाह के बार बार दर्द निवारक दवाओं का सेवन
जरूरत से ज्यादा चाय और मीठे पेय पदार्थ पीना
अक्सर लोग अच्छे खाद्य पदार्थ तो खाते हैं लेकिन इन आदतों को नहीं बदलते जिससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता
आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की नहीं बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा की भी बात करता है
स्वास्थ्य संबंधी सूचना
यह जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है यदि आपको किडनी लिवर डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो किसी भी घरेलू उपाय या आहार में बदलाव करने से पहले योग्य चिकित्सक से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें



