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​रात में मां से कहा- ‘मैनेजर परेशान कर रहा है’… सुबह केमिकल प्लांट के टैंक में मिला इंजीनियर का शव

​रात में मां से कहा- ‘मैनेजर परेशान कर रहा है’… सुबह केमिकल प्लांट के टैंक में मिला इंजीनियर का शव

अयोध्या, अमृत विचार : कोतवाली अयोध्या के दर्शन नगर चौकी क्षेत्र स्थित यश पेपर मिल के केमिकल प्लांट के गंदे पानी से भरे एक टैंक में रविवार को इंजीनियर आशीष शिवहरे का शव नग्न अवस्था में मुंह के बल पड़ा मिला। शरीर बुरी तरह से अकड़ गया था। साथ ही शरीर पर चोट के निशान भी थे। सूचना पर पहुंचे परिवारीजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। इसमें मैनेजर समेत अन्य पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस प्राथमिक जांच में इसे आत्महत्या बता रही है।

घटना की जानकारी होने पर सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी, कोतवाल पंकज सिंह, चौकी प्रभारी दर्शननगर बृजभूषण पाठक पेपर मिल पहुंचे व शव को टैंक से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। वहीं पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के परिवारजनों व पुलिस अधिकारियों से खूब बहस हुई। परिवार के लोगों का कहना है कि आशीष ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उसकी हत्या की गई है। उन्होंने मिल के एक मैनेजर पर आरोप लगाया। आशीष की मां कंका शिवहरे ने बताया कि शनिवार रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच बेटे का फोन आया था। उसने कहा था मम्मी, मेरे मैनेजर से बात कर लीजिए। वह मुझे बहुत परेशान कर रहा है।

आशीष ने बताया था कि मैनेजर ने उसके लैपटॉप से खुद टाइप कर कंपनी को उसका इस्तीफा भेज दिया है। रात में मेल आने के बाद उसे इस्तीफा भेजे जाने की जानकारी हुई। जिससे वह घबरा गया था। इसके बाद मां ने मैनेजर से फोन पर बात की। मां का कहना है कि मैनेजर ने बताया कि आशीष उससे लोन के पैसे मांग रहा था और पैसे नहीं देने पर आत्महत्या की धमकी दे रहा था। इस पर मां ने कहा कि हमें कोई पैसा नहीं चाहिए, हमारा बेटा सुरक्षित चाहिए। इसके कुछ देर बाद मैनेजर ने फोन कर बताया कि वह नहीं मिल रहा है। मां ने यह भी बताया कि आशीष ने मैनेजर को तीन लाख रुपए दिए थे और वह अपने पैसे वापस मांग रहा था। पैसा मांगने पर वह उसे प्रताड़ित कर रहा था।

घटना वाली जगह पर नहीं था सीसीटीवी

मृतक के चाचा सुनील शिवहरे ने बताया कि आशीष के शरीर पर कई जख्म है। जो प्रश्न उठा रहे हैं। कहा कि इतनी बड़ी फैक्ट्री में सिर्फ घटना वाली जगह पर कैमरे नहीं हैं। बताया कि आशीष ने कई बार मैनेजर द्वारा उसे प्रताड़ित किए जाने की बात हमें भी बताई थी। आशीष के मामा राकेश ने बताया कि मेरे भांजे का शव बिना कपड़ों के टैंक में पड़ा मिला है। लगता है उसे बुरी तरह मारापीटा गया है। यह सामान्य मौत या सुसाइड नहीं, बल्कि हत्या है। वहीं, उसकी बहन ने बताया कि भाई अक्सर मैनेजर की ओर से परेशान किए जाने की बात कहता था। उससे देर रात तक ओवरटाइम भी कराया जाता था। वह नौकरी छोड़कर घर आना चाहता था, लेकिन मैनेजर उसे न तो छुट्टी दे रहा था और न ही नौकरी छोड़ने दे रहा था।

पंजाब से की केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई

आशीष शिवहरे अयोध्या में अकेले रहकर नौकरी करते थे। वह बांदा जनपद के बिसंडा थाना क्षेत्र के लोक गांव के रहने वाले थे। उनके पिता आनंद शिवहरे का बताशे बनाकर बेचने का कारोबार है। उनके मातापिता और तीन भाईबहन बांदा में ही रहते हैं। दो छोटे भाई अभिषेक और जतिन हैं, जबकि दो बड़ी बहनें गायत्री और ज्योति दोनों की शादी बेंगलुरु में हुई है। प्रतिभा सबसे छोटी बहन है। भाइयों में आशीष सबसे बड़े और परिवार में अकेले कमाने वाले थे। आशीष ने कानपुर से इंटर किया था। फिर पढ़ाई के बाद पंजाब से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी किया। इसके बाद करीब तीन साल पहले अयोध्या यश पेपर मिल में बतौर केमिकल इंजीनियर कार्य कर रहा था। जॉइनिंग किया था।

शव का पोस्टमार्टम करा परिवार को सौंप दिया गया है। मौत की वास्तविक वजह रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। घटनास्थल से साक्ष्य संकलन किया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष तिवारी, क्षेत्राधिकारी, अयोध्या

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