
लखनऊ, अमृत विचार: अयोध्या हाइवे पर लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव को कम करने और सफर को सुरक्षित व सुगम बनाने की पहल शुरू कर दी गई है। इसके लिए यातायात पुलिस और पांच अन्य विभागों ने पॉलिटेक्निक से चिनहट के हाइवे के अलावा 10 अन्य मार्गों का सर्वे किया है।करीब एक सप्ताह चले इस सर्वे में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए 153 बिंदुओं को चिह्नित किए गए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अयोध्या मार्ग की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए छह विभागों की समिति कवायद कर रही है। शनिवार को समिति अध्यक्ष और डीसीपी ट्रैफिक के नेतृत्व में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने चिह्नित स्थानों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान मौके पर प्रस्तावित सुधारों की व्यवहारिकता और तकनीकी जरूरतों को परखा गया। यातायात पुलिस की टीम ने सर्वे के दौरान प्रत्येक स्थान का अलगअलग विवरण तैयार किया है। सभी 153 बिंदुओं की अक्षांशदेशांतर के साथ जियोरेफरेंसिंग की गई है। इससे संबंधित विभागों को यह स्पष्ट रहेगा कि किस स्थान पर किस तरह का सुधार किया जाना है।
दस मार्गों पर विशेष नजर
छह विभागों की टीम के सर्वे में पॉलिटेक्निक से चिनहट और चिनहट से पॉलिटेक्निक दोनों दिशाओं के मार्गों के अलावा चिनहटकठौता मार्ग, कमताअवध बस अड्डा क्षेत्र, कमताविजयपुर सर्विस मार्ग और विजयपुर अंडरपासआईजीपी चौराहा समेत अन्य जुड़े मार्गों को शामिल किया गया है।
शनिवार को हुए संयुक्त निरीक्षण में डीसीपी यातायात के अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के अधिकारी शामिल हुए। यातायात पुलिस ने सर्वे के दौरान तैयार किए गए 153 बिंदुओं और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी अधिकारियों को मौके पर दी। अधिकारियों ने संबंधित स्थानों पर सड़क की स्थिति, यातायात का दबाव, कट और यूटर्न समेत अन्य व्यवस्थाओं को देखा। प्रस्तावित सुधारों की तकनीकी उपयोगिता और उन्हें लागू करने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभागों ने अपनेअपने तकनीकी सुझाव दिए।
प्राथमिकता के आधार पर होंगे काम
समिति अध्यक्ष डीसीपी यातायात रवीना त्यागी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिह्नित कार्यों को उनकी जरूरत और प्रकृति के आधार पर अलगअलग श्रेणियों में बांटा जाए। जो काम मौजूदा संसाधनों और वर्तमान ढांचे में जल्द पूरे हो सकते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। वहीं बड़े और दीर्घकालिक कार्यों के लिए तकनीकी परीक्षण और संबंधित विभागों के समन्वय से आगे की कार्रवाई की जाएगी। अयोध्या मार्ग की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए गठित समिति की अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं।
सुधार के प्रमुख बिंदु :
जल निकासी एवं जलभराव का समाधान : नालियों की सफाई/मरम्मत, अवरुद्ध निकास खोलना, आवश्यकतानुसार नई नाली तथा सड़क की उचित ढाल।
सड़क की प्रभावी चौड़ाई की पुनर्प्राप्ति : कच्चे/अनिर्मित किनारों का पक्कीकरण तथा मलबा, निर्माण सामग्री, पाइप आदि का निस्तारण।
क्षतिग्रस्त सड़क एवं चैम्बर सुधार: गड्ढों, धंसी/टूटी सतह की मरम्मत तथा ऊंचे, धंसे अथवा खुले मैनहोल/चैंबरों का समतलीकरण।
सड़क सीमा में अवरोधों का निराकरण : स्लैब, चबूतरे, रैम्प, विज्ञापन बोर्ड एवं अन्य अवरोधों को हटाकर उपलब्ध सड़क चौड़ाई का बेहतर उपयोग।
सर्विस लेन का पुनरुद्धार: आवश्यक पुनर्निर्माण, जल निकासी, चौड़ीकरण एवं व्यवस्थित पार्किंग, ताकि स्थानीय यातायात का मुख्य कैरिजवे पर दबाव कम हो।
फुटपाथ एवं पैदल यात्री व्यवस्था: फुटपाथ को पैदल यात्रियों के लिए सुगम बनाना तथा उपयुक्त पृथक वेंडिंग व्यवस्था विकसित करना।
मंडी/अस्थायी दुकानों का समुचित व्यवस्थापन: संबंधित स्थानों पर मंडियों, अस्थायी दुकानों एवं टिनशेड का उपयुक्त व्यवस्थापन कर मार्ग को सुगम बनाना।
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