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महिलाओं में ट्यूब ब्लॉक होना खतरनाक, इसका कैसे पता चलता है, एक्सपर्ट से जानें

प्रेगनेंसी कंसीव करने में अगर दिक्कत आ रही हो तो इसमें एक जांच फैलोपियन ट्यूब की भी की जाती है. ये महिलाओं में प्रजनन तंत्र का अहम हिस्सा है क्योंकि ये एग को गर्भाशय तक पहुंचाने का काम करती हैं. कुछ कारणों की वजह से ट्यूब ब्लॉक हो जाती है और प्रेगनेंट होने में प्रॉब्लम आने लगती है. एक्सपर्ट बताते हैं कि पेल्विक इंफेक्शन, एंडोमेट्रियोसिस, यौन संक्रमण के कारण ऐसा हो सकता है. कभीकभी टीबी जैसी बीमारियों की वजह से भी ऐसा होता है.

महिलाओं में ट्यूब ब्लॉक होना खतरनाक, इसका कैसे पता चलता है, एक्सपर्ट से जानें

शुरुआत में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं. जब लंबे समय तक प्रेगनेंट होने में प्रॉब्लम आती है तब इसका पता चलता है. इस आर्टिकल में आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानें महिलाओं में ट्यूब का ब्लॉक होना कितना खतरनाक है? इसके लिए कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए और किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए.

आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा कहती हैं वो सिर्फ कुछ समय के इलाज के बजाय पूरी तरह से और नेचुरली ठीक होने में विश्वास रखती हैं. बांझपन के इलाज के लिए आयुर्वेद सबसे अच्छा काम करता है क्योंकि इसमें ऐसी कोई भारी दवा नहीं दी जाती जिसके साइडइफेक्ट्स हों.

एचएसजी टेस्ट कराना है जरूरी

एचएसजी या हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राम एक खास तरह का एक्सरे है जो गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब की जांच करता है ताकि यह पक्का हो सके कि वे ठीक से काम कर रहे हैं.

ट्यूब ब्लॉकेज के नेचुरल इलाज के आयुर्वेदिक उपचार:

लाइफस्टाइल और दिनचर्या: डॉक्टर चंचल कहती हैं कि अगर आपकी लाइफस्टाइल खराब है तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं. अगर आप सच में नेचुरली कंसीव करना चाहती हैं तो आपको सही तरीके से बनी दिनचर्या का पालन करना होगा.

एंटीइंफ्लेमेटरी डाइट: एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों और एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C से भरपूर हल्दी, अदरक, लहसुन और खट्टे फल खाएं.

अनहेल्दी आदतों को छोड़ना: स्मोकिंग और शराब से बचें क्योंकि ये आपके रिप्रोडक्टिव सिस्टम और फैलोपियन ट्यूब के काम पर बुरा असर डाल सकते हैं.

योग/मेडिटेशन: तनाव हार्मोनल असंतुलन का एक बड़ा कारण है. रोजाना 510 मिनट मेडिटेशन करने से तनाव कम हो सकता है. कुछ खास योगासन पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.

पेल्विक/पेट की मालिश: कुछ स्पेशलिस्ट ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और पेल्विक एडहेसन्स को कम करने के लिए पेट की मालिश करने की सलाह देते हैं.

आयुर्वेदिक दवा: कुछ पारंपरिक तरीके, जैसे कि ‘उत्तर बस्ती’ , का मकसद ट्यूब में आई रुकावटों को खत्म करना होता है.

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