
उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में ट्यूशन पढ़ाने वाले एक युवक पर 17 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि युवक पिछले तीन महीने से छात्रा के घर पढ़ाने जाता था। इसी दौरान उसने परिवार के भरोसे का फायदा उठाया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब आरोपी के 14 वर्षीय भतीजे ने कथित घटना की मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर ली और उसे अपने दोस्तों के साथ साझा कर दिया। बाद में यह क्लिप सोशल मीडिया पर फैल गई और छात्रा के परिजनों तक पहुंच गई।
मामला माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मुख्य आरोपी ट्यूटर शिशुपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, रिकॉर्डिंग करने वाले उसके नाबालिग भतीजे को बाल अपचारी के रूप में निरुद्ध किया गया है।
तीन महीने से घर जाकर पढ़ा रहा था आरोपी
माधौगढ़ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा के मुताबिक, 24 वर्षीय शिशुपाल सिंह पिछले करीब तीन महीने से छात्रा के घर ट्यूशन पढ़ाने जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान उसने किशोरी को बहलाया-फुसलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
परिवार को शिक्षक पर भरोसा था और इसी भरोसे के कारण वह नियमित रूप से घर आता-जाता था। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
भतीजे ने मोबाइल से रिकॉर्ड की घटना
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, घटना के दो दिन बाद आरोपी का 14 वर्षीय भतीजा अचानक वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने अपने चाचा और छात्रा की आपत्तिजनक स्थिति की मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग कर ली।
इसके बाद उसने कथित क्लिप अपने दोस्तों को दिखाई और उनके मोबाइल पर भी साझा कर दी। दोस्तों के बीच पहुंचने के बाद यह क्लिप सोशल मीडिया पर फैल गई। जब यह छात्रा के परिजनों तक पहुंची तो परिवार ने पुलिस से शिकायत की।
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
क्लिप सामने आने के बाद पीड़िता के चाचा ने माधौगढ़ कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिशुपाल सिंह के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 14 वर्षीय भतीजे को उसकी उम्र के कारण बाल अपचारी के रूप में निरुद्ध किया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्लिप सबसे पहले किसने सोशल मीडिया पर साझा की और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया गया।
किशोरी की पहचान गोपनीय रखने की अपील
पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान, तस्वीर या उससे जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है। लोगों से अपील है कि किसी भी आपत्तिजनक क्लिप को साझा न करें और न ही उसे आगे प्रसारित करें।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के बयान के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।



