
कानपुर, उत्तर प्रदेश: महाराजपुर थाना क्षेत्र में एक युवती ने दो युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म और वीडियो के नाम पर धमकाकर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, युवती अपने प्रेमी के साथ तिवारीपुर गांव के पास एक सुनसान जगह पर बैठी थी, तभी दोनों युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने पहले उनका वीडियो बनाया और उसे परिवार को दिखाने की धमकी दी। घटना के दौरान युवती का प्रेमी मौके से भाग गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है।
सुनसान जगह पर पहुंचे दो युवक
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, युवती 26 जुलाई को अपने प्रेमी के साथ घूमने गई थी। दोनों महाराजपुर थाना क्षेत्र के तिवारीपुर गांव के पास एकांत में बैठे थे। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे और कथित तौर पर उनका वीडियो बनाने लगे।
युवती का आरोप है कि दोनों युवकों ने वीडियो उसके परिवार को दिखाने की धमकी दी और पैसे मांगने लगे। अचानक हुई इस घटना से दोनों घबरा गए।
प्रेमी के मौके से भागने का दावा
शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि जब उसने और उसके प्रेमी ने युवकों से सवाल किया, तो उन्होंने दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान उसका प्रेमी डरकर मौके से भाग गया।
युवती के मुताबिक, प्रेमी के चले जाने के बाद दोनों युवकों ने उससे पैसे मांगे। जब उसने पैसे नहीं होने की बात कही, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उसने यह आरोप भी लगाया कि आरोपियों ने उसकी नाक की कील छीनने की कोशिश की।
शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
युवती ने पुलिस से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। उसका आरोप था कि शुरुआत में उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने एसीपी अभिषेक पांडे से मदद मांगी।
एसीपी के अनुसार, युवती की शिकायत पर दो युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।
सीसीटीवी और सर्विलांस से तलाश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का पता लगाने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है।
फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे गंभीर मामले में पीड़िता की पहचान और निजता की रक्षा करना भी जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।



