उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में दो साधुओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई. झोपड़ी में सोते समय आग लगाकर साधुओं को जिंदा जला दिया गया. घटना खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव की है. यहां गांव से करीब एक किलोमीटर दूर भोले बाबा मंदिर के पास झोपड़ी में बाबा बिहारी दास और उनके चेले गोपाल दास रहते थे. ग्रामीणों ने झोपड़ी से धुआं उठता देखा तो पुलिस को सूचना दी. आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक दोनों साधुओं की मौत हो चुकी थी. पुलिस घ

बाबा बिहारी दास और उनके चेले गोपाल दास मंदिर परिसर के पास झोपड़ी बनाकर रहते थे. दोनों मंदिर में पूजापाठ और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे. बताया जा रहा है कि घटना के समय दोनों झोपड़ी के अंदर सो रहे थे. सुबह ग्रामीणों ने झोपड़ी से धुआं निकलता देखा. इसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई. ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी. अंदर दोनों साधुओं के शव मिले.
मंदिर पर कब्जे का आरोप
मामले में मंदिर के संरक्षक और गांव निवासी शिवकुमार सिंह की ओर से खुदागंज थाने में तहरीर दी गई है. इसमें गांव के ही सुमित सिंह पर झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया गया है. आरोपी मंदिर पर कब्जा कर वहां खुद रहना चाहता था. इसी वजह से दोनों साधुओं को रास्ते से हटाने के लिए उनके सोते समय झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
घटना को लेकर ग्रामीणों के बीच अलगअलग तरह की चर्चाएं हैं. कुछ ग्रामीण इसे हत्या के बाद शव जलाने का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग लकड़ी की चिता बनाकर साधुओं को जलाए जाने की बात कह रहे हैं. पुलिस इन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके.
एसपी घटनास्थल पर पहुंचे
एसपी सौरभ दीक्षित खुद सूथा गांव पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि सुबह ग्रामीणों से दो जले हुए शव मिलने की सूचना मिली थी. इसके बाद स्थानीय पुलिस और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण की टीम मौके पर पहुंची. एसपी के मुताबिक, मंदिर के संरक्षक शिवकुमार की तहरीर पर सुमित नाम के व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.
दोनों साधुओं के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजे गए हैं. पुलिस का कहना है कि दोनों की मौत किस समय और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर लगाया जाएगा. फिलहाल पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं. घटना के पीछे मंदिर पर कब्जे का आरोप सही है या इसके पीछे कोई और वजह थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.



