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​सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, PG के लिए लाएगी सख्त सुरक्षा नीति

नई दिल्ली : दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पीजी इमारत ढहने से हुई छात्रों की मौतों के बाद दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में पेइंग गेस्ट आवासों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। सरकार अब राजधानी के तमाम पीजी और हॉस्टलों के संचालन को नियमित करने के लिए एक नई और व्यापक सुरक्षा नीति लाने की पूरी तैयारी में है। हालांकि, दिल्ली में पीजी को कानूनी दायरे और नियमों में बांधने की कोशिशें पिछले तीन दशकों यानी साल 1993 से चल रही हैं, लेकिन अब तक यह अमलीजामा नहीं पहन सकी थीं। हालिया दर्दनाक हादसे ने व्यवस्था की इन कमियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

​सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, PG के लिए लाएगी सख्त सुरक्षा नीति

पुरानी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट होगा अनिवार्य, तभी मिलेगी व्यावसायिक मंजूरी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कड़े शब्दों में कहा कि सरकार एक ऐसी पुख्ता नीति तैयार कर रही है जिसके तहत पुरानी इमारतों के मालिकों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट जमा करना और सुरक्षा प्रमाण पत्र हासिल करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जब तक किसी इमारत की मजबूती और सुरक्षा का आधिकारिक प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक उसे पीजी आवास, नर्सिंग होम, स्कूल या किसी भी अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान के रूप में चलाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। सरकार का मकसद रिहायशी इलाकों में बिना सुरक्षा मानकों के धड़ल्ले से चल रहे व्यावसायिक केंद्रों पर नकेल कसना और मासूम लोगों की जान को सुरक्षित करना है।

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