Nashik Crime News: महाराष्ट्र के नासिक और धुले जिले से अंधविश्वास और अघोरी प्रथा के नाम पर बर्बरता तथा ठगी का रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. धुले जिले के एक गरीब मजदूर परिवार को बीमारी और पारिवारिक परेशानियां दूर करने का झांसा देकर कथित तांत्रिकों ने 1 लाख 60 हजार रुपये ऐंठ लिए. ठगी और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होने के बाद पीड़ित परिवार ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क किया. समिति के कार्यकर्ताओं के सहयोग और मार्गदर्शन से 27 सितंबर 2026 को धुले शहर पुलिस स्टेशन में अघोरी प्रथाओं और जादूटोना विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज कराया गया.

शिकायत के अनुसार, तांत्रिक महिला पीड़ित महिला को नासिक के प्रसिद्ध गोदाघाट ले गई, जहां उसे अघोरी स्नान कराया गया. अंधविश्वास की हदें पार करते हुए कथित तांत्रिक ने महिला के शरीर से उतारे गए नींबू का रस सीधे उसकी आंखों में निचोड़ दिया.
पीड़िता की बेटी को 40 दिन तक घर में बंद रखा
इतना ही नहीं, इस मामले में एक और खौफनाक मोड़ तब आया जब पीड़ित परिवार की 21 वर्षीय बेटी को गंभीर बीमारी का भय दिखाकर कथित तांत्रिक महिला ने उसे करीब 40 दिनों तक घर में ही बंद रखने पर मजबूर किया. इसके बाद 24 जुलाई 2026 को आरोपी महिला ने युवती की जबरन सगाई करवा दी और उसके बाद परिवार से सारे संपर्क तोड़ लिए.
धुले पुलिस ने नासिक से आरोपी तांत्रिक को किया गिरफ्तार
मामला दर्ज होते ही धुले शहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नासिक में दबिश दी और मुख्य आरोपी कथित तांत्रिक महिला सरिता जाधव तथा उसके सहयोगियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जादूटोना विरोधी कानून, धोखाधड़ी और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. फिलहाल धुले पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक और कितने गरीब परिवारों को अपने जाल में फंसाया है.



