स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में अल्कोहल का इस्तेमाल कई कारणों से किया जाता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस तरह के अल्कोहल का इस्तेमाल किया गया है और प्रोडक्ट का फॉर्मूलेशन कैसा है. डर्मेटोलॉजी के नजरिए से देखें तो इसका असर अल्कोहल के प्रकार, उसकी मात्रा, पूरे फॉर्मूलेशन और इंसान की स्किन के प्रकार पर भी निर्भर करता है. यानी अल्कोहल त्वचा के लिए नुकसानदायक नहीं होते.

अल्कोहल को इस्तेमाल करने के पीछे कई कारण होते हैं. स्किनक्यू के चीफ फॉर्मूलेटर और कोफाउंडर डॉ. चैत्र आनंद कहते हैं, कुछ अल्कोहल, स्किन केयर क्रीम में एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को बेहतर तरीके से घुलने में मदद करते हैं. क्रीम की बनावट को बेहतर बनाते हैं, उसे त्वचा पर आसानी से फैलने में मदद करते हैं और लगाने के बाद प्रोडक्ट को जल्दी सूखने में भी सहायक होते हैं. कुछ खास तरह के अल्कोहल प्रिजर्वेटिव के रूप में काम कर सकते हैं या फॉर्मूलेशन की स्थिरता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
कुछ अल्कोहल एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को घुलने और प्रोडक्ट को त्वचा पर समान रूप से फैलने में मदद करते हैं. ये क्रीम और लोशन को हल्का और कम चिपचिपा महसूस कराने में भी सहायक हो सकते हैं. इथेनॉल जैसे अल्कोहल जल्दी वाष्पित हो जाते हैं. यही वजह है कि कुछ स्किनकेयर प्रोडक्ट्स लगाने के बाद हल्के और नॉनस्टिकी महसूस होते हैं. यही नहीं, अल्कोहल माइक्रोबियल ग्रोथ से सुरक्षा भी देते हैं. 750AD हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के एक्सपर्ट मिथुन मजूमदार, कहते हैं, स्किनकेयर क्रीम में अल्कोहल केवल त्वचा को सुखाने का काम नहीं करता. इसके कई फायदे होते हैं. हालांकि, यह कितना मिलाया जाएगा यह फॉर्मूलेशन पर निर्भर करता है.
कई कारणों से क्रीम में अल्कोहल मिलाते हैं. फोटो:Pexels
अल्कोहल स्किन पर क्रीम को सुखाने का काम करता है
त्वचा की सबसे बाहरी परत, जिसे ‘स्ट्रैटम कॉर्नियम’ कहा जाता है, वो सुरक्षा की पर्त की तरह काम करती है. इसमें डेड सेल्स होती हैं, जो लिपिड मैट्रिक्स में धंसी होती हैं. इस मैट्रिक्स में सेरामाइड्स, कोलेस्ट्रॉल और फ्री फैटी एसिड होते हैं. यह संरचना त्वचा से पानी के अत्यधिक नुकसान को रोकती है और बाहरी पदार्थों को अंदर जाने से भी रोकती है.
क्रीम में इथेनॉल का इस्तेमाल कुछ खास सामग्रियों को घोलने, क्रीम को त्वचा पर आसानी से फैलाने, उसे जल्दी सुखाने और कुछ मामलों में, सक्रिय तत्वों को त्वचा के अंदर गहराई तक पहुंचाने के लिए किया जाता है. अगर इथेनॉल की मात्रा काफी अधिक हो, तो यह त्वचा की सुरक्षात्मक परत को कमजोर कर सकता है.
क्रीम में अल्कोहल की ज्यादा मात्रा नुकसान भी पहुंचा सकती है. फोटो: Pexels
‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में 2025 में प्रकाशित एक अध्ययन में, एटोपिक डर्मेटाइटिस से पीड़ित नौ मरीजों पर एक मॉइस्चराइजिंग क्रीम का परीक्षण किया गया, जिसमें 12% इथेनॉल था. 30 दिनों तक चले इस अध्ययन में शोधकर्ताओं को त्वचा के हाइड्रेशन, लालिमा या पानी के नुकसान के स्तर में कोई खास नकारात्मक बदलाव नहीं दिखा. हालांकि, सूअर की त्वचा पर की गई जांच में पाया गया कि यदि इथेनॉल की मात्रा 15% से अधिक हो, तो त्वचा की सुरक्षात्मक परत में बदलाव आ सकते हैं. ये नतीजे बताते हैं कि प्रयोगशाला के परिणामों को सीधे तौर पर हर स्किनकेयर उत्पाद के लिए ‘सुरक्षा मानक’ नहीं माना जा सकता.
अब इथेनॉल और फैटी अल्कोहल के बीच का अंतर समझना भी बहुत जरूरी है. सेटिल अल्कोहल और सेटियरील अल्कोहल संरचना के हिसाब से अलग होते हैं. इनका इस्तेमाल आमतौर पर त्वचा को मुलायम बनाने, क्रीम को गाढ़ा करने और इमल्शन को स्थिर रखने के लिए किया जाता है. इनका मतलब यह नहीं है कि ये भी त्वचा को उसी तरह सुखाएंगे, जैसा कि कुछ अन्य अल्कोहल करते हैं.
हर अल्कोहल स्किन को ड्राय नहीं करता. फोटो: Pexels
सभी अल्कोहल स्किन को ड्राई नहीं करते
डॉ. चैत्र आनंद कहते हैं, सेटिल अल्कोहल, स्टीयरिल अल्कोहल और सेटेरिल अल्कोहल जैसे फैटी अल्कोहल आमतौर पर मॉइस्चराइजिंग और इमल्सिफाइंग इंग्रीडिएंट्स के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं. ये स्किन को मुलायम रखने, प्रोडक्ट के टेक्सचर को बेहतर बनाने और क्रीम में मौजूद तेल और पानी के घटकों को एक साथ बनाए रखने में मदद करते हैं. ये इथेनॉल या डिनेचर्ड अल्कोहल जैसे सिंपल अल्कोहल से काफी अलग होते हैं.
क्या अल्कोहल त्वचा में जलन पैदा कर सकता है?
कुछ खास तरह के अल्कोहल, खासकर अधिक मात्रा में इस्तेमाल किए जाने पर वो त्वचा के नेचुरल लिपिड्स को कम कर सकते हैं, जिससे रूखापन, जलन या चुभन हो सकती है. यह असर सेंसिटिव स्किन, एक्ज़िमा या पहले से कमजोर स्किन बैरियर वाले लोगों में ज्यादा दिखाई दे सकता है. हालांकि, इसका असर अल्कोहल के प्रकार, उसकी मात्रा, पूरे फॉर्मूलेशन और व्यक्ति की त्वचा के प्रकार पर भी निर्भर करता है.
इसलिए किसी स्किनकेयर प्रोडक्ट को चुनते समय यह देखना जरूरी है कि उसमें किस प्रकार का अल्कोहल इस्तेमाल किया गया है, इंग्रीडिएंट लिस्ट में उसकी स्थिति क्या है और प्रोडक्ट आपकी त्वचा पर कैसा असर करता है. अगर आपकी त्वचा रूखी या संवेदनशील है, तो सेरामाइड्स, ग्लिसरीन या हायलूरोनिक एसिड जैसे स्किनबैरियर को सपोर्ट करने वाले इंग्रीडिएंट्स से युक्त अच्छी तरह से तैयार किया गया मॉइस्चराइज़र मददगार हो सकता है.



