उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए शनिवार को प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष पंजीकरण कैंप आयोजित किया गया. सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी मौजूद रहे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पात्र नागरिकों से मतदाता बनने के लिए आवेदन करने की अपील की. अभियान में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान छूटे लोगों और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है.

नवदीप रिणवा के मुताबिक, में 18 वर्ष से अधिक आयु की अनुमानित आबादी करीब 16.17 करोड़ है, जबकि मतदाता सूची में 13 करोड़ से अधिक नाम दर्ज हैं. इस अंतर को देखते हुए बड़ी संख्या में पात्र नागरिकों को जोड़ने की उम्मीद है. महिलाओं और युवाओं का पंजीकरण बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है.
आधार से जन्मतिथि और पते का प्रमाण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, सामान्य मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में आधार कार्ड से जन्मतिथि और निवास संबंधी जानकारी देने की व्यवस्था लागू है. पहले जन्मतिथि के प्रमाण के लिए हाईस्कूल की मार्कशीट, जन्म प्रमाणपत्र समेत निर्धारित दस्तावेजों में से विकल्प देना होता था. पात्रता और दस्तावेजों की जांच निर्धारित नियमों के अनुसार होगी.
2003 की वोटर लिस्ट से मिलान जरूरी नहीं
रिणवा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सामान्य पंजीकरण में नाम जुड़वाने के लिए पिता, दादादादी या परिवार के अन्य सदस्यों का 2003 की मतदाता सूची में दर्ज होना अनिवार्य नहीं है पात्र नागरिक फॉर्म6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म7 और फॉर्म8 के जरिए भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन लिए जा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि SIR के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों के नाम भी जांच और सत्यापन के बाद जोड़े जा सकते हैं. डुप्लीकेट प्रविष्टियों को रोकने के लिए भी काम जारी है. इसके बाद विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को सूची उपलब्ध कराई जाएगी और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बूथों पर बीएलओ की उपस्थिति, पर्याप्त फॉर्म6 और हेल्प डेस्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने साफ कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे.



