
अमेठी, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की ग्राम पंचायत ठेंगहा में इंटरलॉकिंग कार्य में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद जिलाधिकारी संजय चौहान ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर डीएम ने ग्राम पंचायत की निर्वर्तमान प्रधान एवं प्रशासक सुदामा देवी को पद से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही सरकारी धनराशि के रूप में 1,61,198 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
मामले की शिकायत ग्रामीणों आशीष तिवारी, अनिल पांडेय समेत अन्य लोगों ने की थी। शिकायत में ग्राम पंचायत में कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य में नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया था। शिकायत के बाद अधिकारियों से मामले की जांच कराई गई।
प्रस्तावित स्थान के बजाय दूसरी जगह कराया गया इंटरलॉकिंग कार्य
जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत में पारसनाथ सिंह के खेत से नरेंद्र सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य प्रस्तावित था। हालांकि, प्रस्तावित स्थान के बजाय दूसरे स्थान पर कार्य कराया गया। जांच रिपोर्ट में कार्य में इस्तेमाल की गई कुछ ईंटों के गायब होने और कार्य की प्राथमिकता दर्ज नहीं किए जाने जैसी अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया।
प्रधान का स्पष्टीकरण जांच में नहीं माना गया संतोषजनक
मामले में तत्कालीन प्रधान एवं प्रशासक सुदामा देवी ने अपना स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने ग्रामीणों की मांग और संपर्क मार्ग की खराब स्थिति का हवाला देते हुए दूसरे स्थान पर कार्य कराए जाने की बात कही। साथ ही तकनीकी समस्या के चलते वर्क आईडी नहीं बन पाने का तर्क दिया गया। हालांकि, जांच अधिकारियों ने प्रस्तुत स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना। जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर डीएम ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
3.22 लाख रुपये खर्च, आधी धनराशि की होगी वसूली
दस्तावेजों के अनुसार ग्राम पंचायत ठेंगहा में कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य पर 3,22,396 रुपये खर्च किए गए थे। जांच में अनियमितताएं पाए जाने के बाद डीएम ने इसमें से 1,61,198 रुपये की वसूली भूराजस्व की भांति किए जाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बीडीओ संग्रामपुर को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के साथ आवश्यक विभागीय कार्रवाई पूरी कराने के निर्देश भी दिए हैं।



