35 की उम्र के बाद ज्यादातर भारतीय हड्डियों के कमजोर होने की प्रॉब्लम का सामना करते हैं. खानपान में कमी, ठीक से धूप न लेना और कई दूसरी वजहों से ऐसा होता है. इस ऐज के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, एक्सपर्ट से जानें….

एक्सपर्ट ने क्या कहा डॉक्टर अनुज अग्रवाल का कहना है कि 35 की उम्र के बाद शरीर में पुरानी हड्डी को हटाने और नई हड्डी बनाने का बैलेंस धीरे धीरे बदलने लगता है. इसलिए इस उम्र के बाद अपनी हड्डियों की सेहत का थोड़ा ज्यादा ध्यान रखना जरूरी है.
कैल्शियम के इंटेक का ध्यान सबसे पहले अपनी डाइट में कैल्शियम की कमी न होने दें. कैल्शियम हमारी हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बहुत जरूरी है. इसके लिए दूध, दही, पनीर, रागी, तिल और हरी सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें.
विटामिन डी है सबसे जरूरी साथ ही विटामिन D भी जरूरी है, क्योंकि यह शरीर को कैल्शियम को सही तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करता है. इसके लिए धूप, कुछ खाने की चीजें और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं. हालांकि, सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह से ही लें.
रोजाना करें एक्सरसाइज इसके साथ ही एक्सरसाइज को अपनी रूटीन का हिस्सा बनाएं. तेज चलना, सीढ़ियां चढ़ना, डांस करना और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी एक्सरसाइज हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करती हैं. बैलेंस वाली एक्सरसाइज भी करें, क्योंकि इससे गिरने और फ्रैक्चर का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है.
इन आदतों से रहें दूर स्मोकिंग से बचें और शराब कम लें, क्योंकि ये दोनों हड्डियों की सेहत पर असर डाल सकते हैं. अगर आप लंबे समय से स्टेरॉयड जैसी दवाएं ले रहे हैं या कोई ऐसी बीमारी है जो हड्डियों को प्रभावित कर सकती है, तो डॉक्टर से बात जरूर करें.
कब लें डॉक्टर की सलाह अगर परिवार में किसी को ऑस्टियोपोरोसिस रहा है, आपको पहले फ्रैक्चर हो चुका है, कम उम्र में मेनोपॉज हुआ है या हड्डियों से जुड़ा कोई और रिस्क है, तो डॉक्टर से अपनी बोन हेल्थ के बारे में सलाह लें. समय रहते ध्यान देने से आगे चलकर हड्डियों को कमजोर होने से बचाने में मदद मिल सकती है.



