TrendingUttar Pradesh

​कोर्ट मैनेजर भर्ती: हाईकोर्ट ने जारी की नई नियमावली, भरे जाएंगे 81 पद

लखनऊ, अमृत विचार : इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोर्ट मैनेजरों की केंद्रीकृत सेवा का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश शासन के न्याय अनुभाग1 ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट नियमावली2026 अधिसूचित कर दी है। इसके तहत हाईकोर्ट और प्रदेश के जिला न्यायालयों में कोर्ट मैनेजर के कुल 81 पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें छह पद हाईकोर्ट और 75 पद जिला न्यायालयों के लिए हैं। पद समूहख के होंगे और वेतनमान 56,1001,77,500 रुपये निर्धारित किया गया है।

नियमावली के मुताबिक कोर्ट मैनेजर के पद पर भर्ती मुख्य रूप से सीधी भर्ती के माध्यम से खुली प्रतियोगी परीक्षा से होगी। हालांकि, पहले से संविदा पर कार्यरत कोर्ट मैनेजरों को उनकी योग्यता के आकलन के बाद नवसृजित पदों पर समाहित किया जाएगा। उन्हें प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से नियमित माना जाएगा। मौजूदा कोर्ट मैनेजरों के समायोजन के बाद बचे पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।

एमबीए और पांच साल का अनुभव जरूरी

सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी के पास किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर डिग्री या जनरल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा होना चाहिए। साथ ही प्रोसेस मैनेजमेंट, आईटी सिस्टम मैनेजमेंट, मानव संसाधन प्रबंधन अथवा वित्तीय प्रबंधन में पांच वर्ष का कार्य अनुभव जरूरी होगा। कंप्यूटर एप्लीकेशन में कम से कम छह महीने का डिप्लोमा और कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान भी अनिवार्य है। आयु 25 वर्ष से अधिक और 40 वर्ष से कम होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।

दो चरणों में होगी परीक्षा

चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी। पहले चरण में तीन प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षा होगी। प्रबंधन, संचार, संगठनात्मक व्यवहार, वित्तीय व मानव संसाधन प्रबंधन और कंप्यूटर कौशल से संबंधित प्रश्नपत्र 100 अंकों का होगा। सामान्य ज्ञान, विधिक ज्ञान व सामान्य अभिक्षमता का प्रश्नपत्र 50 और हिंदीअंग्रेजी भाषा का प्रश्नपत्र भी 50 अंकों का होगा। दूसरे चरण में साक्षात्कार के 20 और प्रोजेक्ट रिपोर्ट के 30 अंक होंगे।

यूपी में कहीं भी हो सकेगा तबादला

जिला न्यायालयों में तैनात कोर्ट मैनेजर का पद पूरे प्रदेश में हाईकोर्ट के नियंत्रणाधीन किसी भी अधिष्ठान में स्थानांतरणीय होगा। नियुक्ति के बाद एक वर्ष की परिवीक्षा होगी, जिसे कारण दर्ज कर अधिकतम दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। कोर्ट मैनेजर न्यायालयों के प्रशासनिक कामकाज में सहायता कर कोर्ट मैनेजमेंट की दक्षता बढ़ाने का काम करेंगे।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply