दिवाली और धनतेरस के मौके पर गाड़ी खरीदना कई लोगों के लिए खास होता है. इसी को देखते हुए ऑटोमोबाइल कंपनियां और डीलरशिप ग्राहकों को लुभाने के लिए कई तरह के ऑफर लेकर आते हैं. कहीं हजारों रुपये की छूट मिलती है, तो कहीं एक्सचेंज बोनस, कॉर्पोरेट डिस्काउंट और फ्री एक्सेसरीज देने का दावा किया जाता है. पहली नजर में ये ऑफर काफी अच्छे लगते हैं, लेकिन कई बार इनके साथ ऐसी शर्तें जुड़ी होती हैं, जिनके बारे में ग्राहक को पहले नहीं बताया जाता. ऐसे में अगर आप भी इस फेस्टिव सीजन में कार या बाइक खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातें जरूर जान लें.

डिस्काउंट देखकर पुरानी गाड़ी न खरीद लें
त्योहारों के दौरान कई डीलर पुराना स्टॉक खत्म करने के लिए ज्यादा छूट देते हैं. कई बार पिछले साल बनी गाड़ियों पर भी शानदार ऑफर मिलता है. इसलिए बुकिंग से पहले गाड़ी का मैन्युफैक्चरिंग मंथ और ईयर जरूर देखें. सिर्फ बड़ी छूट के लालच में पुरानी न खरीदें. पुराने और नए स्टॉक की कीमतों की तुलना करना भी जरूरी है.
फ्री एक्सेसरीज के नाम पर न बढ़ने दें बिल
कई शोरूम सीट कवर, फ्लोर मैट, बॉडी कवर और मड फ्लैप जैसी चीजें मुफ्त देने की बात कहते हैं. लेकिन कुछ मामलों में इनकी कीमत दूसरे चार्ज के रूप में बिल में जोड़ दी जाती है. इसलिए पहले ही पूछ लें कि कौनसी चीजें बिना पैसे के मिलेंगी. जो नहीं चाहिए, उन्हें बिल से हटवा दें.
इंश्योरेंस लेने से पहले करें तुलना
डीलरशिप से मिलने वाला इंश्योरेंस ही खरीदना जरूरी नहीं है. अलगअलग कंपनियों के प्रीमियम और सुविधाओं में फर्क हो सकता है. इसलिए दूसरी कंपनियों से भी कीमत पता करें. पॉलिसी में IDV, जीरो डेप्रिसिएशन और ऐडऑन कवर जैसी सुविधाओं को समझकर ही फैसला लें.
एक्सचेंज बोनस के चक्कर में न गंवाएं पुरानी गाड़ी की कीमत
पुरानी गाड़ी बदलने पर मिलने वाला एक्सचेंज बोनस हर ग्राहक को नहीं मिलता. इसके लिए गाड़ी की उम्र और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी शर्तें हो सकती हैं. अपनी पुरानी गाड़ी की कीमत दूसरी जगहों पर भी पता करें, ताकि बोनस के चक्कर में उसे कम कीमत पर न बेचना पड़े.
डिलीवरी से पहले गाड़ी की जांच जरूर करें
त्योहारों में डिलीवरी की जल्दी में कई लोग गाड़ी ठीक से चेक नहीं करते. ऐसा करने से बचें. डिलीवरी लेने से पहले PDI जरूर करें. इसमें गाड़ी की बॉडी, पेंट, टायर, लाइट, इंजन और ओडोमीटर की जांच करें. साथ ही चेसिस नंबर और इंजन नंबर को कागजात से मिलाएं.
EMI और बुकिंग की शर्तें समझकर ही करें पेमेंट
कम डाउन पेमेंट और छोटी EMI देखकर तुरंत लोन न लें. कई बार कम EMI के साथ लोन की अवधि बढ़ा दी जाती है, जिससे कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ता है. इसलिए ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और कुल लोन की रकम जरूर समझें. इसके अलावा बुकिंग अमाउंट देने से पहले कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़ी शर्तें लिखित में ले लें.



