Prayagraj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत में अवैध प्रवास और पुराने मोबाइल स्क्रैप से बेहद कीमती सिलिकॉन तथा पीसीबी माइक्रोचिप निकालकर विदेश तस्करी करने के मामले में गिरफ्तार चीनी नागरिक जेंग देये की तीसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. मामला साल 2022 में ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा2 में दर्ज हुआ था. जांच के अनुसार, आरोपी चीनी नागरिक जेंग देये और उसके सहयोगियों ने फर्जी वीजा प्रविष्टियों और जालसाजी के जरिए अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश किया और लंबे समय तक यहां निवास किया.

भारत में अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इन्होंने ‘एचटीजेडएन टेक एंड प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक फर्जी कंपनी खड़ी की. इस कंपनी की आड़ में आरोपी पुराने और कबाड़ मोबाइल फोन के स्क्रैप से बेहद महत्वपूर्ण व कीमती पीसीबी माइक्रोचिप्स और सिलिकॉन को अवैध रूप से निकालकर विदेशों में तस्करी कर भेज रहे थे.
हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत?
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस कृष्ण पहल की सिंगल बेंच ने आरोपी की ओर से दाखिल तीसरी जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं. कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जमानत देने से पूरी तरह इंकार कर दिया.
अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपी का भारत में बिना वैध दस्तावेजों के रुकना और एक संगठित रैकेट के तहत देश के कीमती संसाधनों की दूसरे देश में तस्करी करना एक अत्यंत गंभीर अपराध है, जिससे राष्ट्रीय आर्थिक हितों पर गहरा प्रतिकूल असर पड़ता है. आरोपी विदेशी नागरिक है, इसलिए जमानत मिलने पर उसके देश छोड़कर फरार होने की पूरी आशंका बनी रहेगी.
जल्द ट्रायल पूरा करने के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी को खारिज करने के साथ ही संबंधित निचली अदालत को आदेश दिया कि इस गंभीर मामले का ट्रायल बिना किसी अनावश्यक देरी के जल्द से जल्द पूरा किया जाए.देश में बिना अनुमति और फर्जी कंपनियों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक कचरे से सिलिकॉन तथा माइक्रोचिप्स निकालकर विदेश भेजने वाले इस गिरोह के पर्दाफाश के बाद से ही सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं.



