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​थकान से हड्डियों में दर्द तक… भारत में विटामिन बी12 और डी की कमी बड़ी चिंता? एक्सपर्ट से समझें

भारत में न्यूट्रिशन से जुड़ी चुनौतियां अब सिर्फ कुपोषण तक सीमित नहीं हैं. बदलती लाइफस्टाइल, अनबैलेंस्ड डाइट और शरीर को जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स न मिलने की वजह से विटामिन और मिनरल्स की कमी भी बड़ी हेल्थ कंसर्न बनती जा रही है. इनमें विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी खासतौर पर चिंता का विषय है. रिसर्च में भी भारतीय आबादी के अलगअलग समूहों में इन दोनों विटामिन्स की कमी काफी आम पाई गई है.

एनसीबीआई की रिसर्च कहती है कि भारतीयों में विटामिन बी12 की कमी एक बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम है. रिपोर्ट कहती है कि करीब 47% से 75% आबादी प्रभावित है. इसके अलावा विटामिन डी की कमी के मामले भी बड़ी संख्य में रिपोर्ट किए जाते हैं. जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट…

विटामिन बी12 की कमी क्यों होती है?

डॉ. अरविंद अग्रवाल का कहना है कि विटामिन बी12 शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनाने, डीएनए सिंथेसिस और नर्वस सिस्टम को सही तरीके से काम करने में मदद करता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारतीय डाइट में बी12 के नेचुरल सोर्स सीमित होने के कारण इसकी कमी देखने को मिल सकती है.

खासकर पूरी तरह वेजिटेरियन डाइट लेने वाले लोगों में इसका रिस्क बढ़ सकता है. बी12 की कमी होने पर लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, हाथपैर में झनझनाहट, याददाश्त और कंसंट्रेशन से जुड़ी परेशानी हो सकती है. लंबे समय तक कमी रहने पर एनीमिया और नर्व डैमेज जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

विटामिन डी की कमी भी बड़ी समस्या

विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन, हड्डियों और मसल्स की हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है. भारत में पर्याप्त धूप होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों में विटामिन डी का लेवल कम पाया जाता है. इसका कारण घर या ऑफिस के अंदर ज्यादा समय बिताना, धूप में कम निकलना, शरीर को पूरी तरह ढक कर रखना और डाइट में विटामिन डी के सोर्स कम होना हो सकता है.

एक भारतीय मेटाएनालिसिस में विटामिन डी की कमी का अनुमान करीब 61 प्रतिशत, जबकि विटामिन बी12 की कमी करीब 53 प्रतिशत पाई गई. हालांकि अलगअलग स्टडीज में कमी का स्तर अलग रहा है.

एक्सपर्ट की सलाह

सिर्फ थकान या कमजोरी को देखकर विटामिन की कमी मान लेना सही नहीं है. जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट कराकर डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए. डाइट में दूध, दही, अंडा, मछली और अन्य न्यूट्रिशनल फूड को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है.

कमी पूरा करने के लिए क्या करें

वहीं विटामिन डी के लिए सुरक्षित तरीके से धूप लेना और जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना बेहतर है. कुल मिलाकर, भारत में विटामिन बी12 और विटामिन डी दोनों की कमी एक अहम न्यूट्रिशन कंसर्न है. सही डाइट, पर्याप्त धूप, समय पर टेस्ट और एक्सपर्ट की सलाह से इससे बचाव किया जा सकता है.

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