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​₹6 की महंगाई से इंडिगो के डूबे 5500 करोड़! एयरलाइन कंपनियों में क्यों मची हलचल?

एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में लगातार दूसरे महीने तेजी देखने को मिली है. अगर बात सितंबर की करें तो फ्यूल कंपनियों ने जेट फ्यूल की कीमतों मे 6 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी की है. जिसकी वजह से एयरलाइंस कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है. इस गिरावट की वजह से इंडिगो को कुछ ही मिनटों में करीब 55 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. जानकारों की मानें तो फ्यूल की कीमतों में इजाफा होने की वजह से एयरलाइन कंपनियों की कॉस्ट में इजाफा हो जाता है. अगर कंपनियां फेयर में इजाफा नहीं करती हैं ​तो नुकसान काफी नुकसान भी उठाना पड़ता है. यही कारण है कि एटीएफ की कीमतों में तेजी की वजह से एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर फ्यूल कंपनियों ने एटीएफ की कीमतों में कितना इजाफा किया है. साथ ही एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में कितनी गिरावट आई है.

एटीएफ की कीमतों में इजाफा

मंगलवार को घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतों में लगातार दूसरे महीने 5.46 फीसदी की बढ़ोतरी की गई. इससे एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत 115 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 121.28 रुपए प्रति लीटर हो गई है. यह बढ़ोतरी पिछले महीने ATF की कीमतों में हुई 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद हुई है. कीमतों में यह लगातार दो बार की बढ़ोतरी, अप्रैल 2025 से शुरू हुई ATF की कीमतों में तीन बार की कटौती के बाद हुई है. उन तीन कटौतियों के दौरान कीमतें 12,239.17 रुपए प्रति किलोलीटर कम की गई थीं, जबकि बाद में 8,949.38 रुपए प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी ने उस फायदे का लगभग तीनचौथाई हिस्सा खत्म कर दिया है.

एयरलाइंस के कुल कॉस्ट का 40% फ्यूल

एयरलाइन के कुल खर्च में ईंधन का हिस्सा लगभग 40% होता है, इसलिए ATF की कीमतों में बदलाव एयरलाइंस के लिए एक अहम बात होती है. ATF की कीमतें अलगअलग शहरों में VAT जैसे स्थानीय टैक्स के आधार पर अलगअलग होती हैं. अगस्त में, कीमतें मुंबई में ₹86,077.14 प्रति किलोलीटर, चेन्नई में ₹95,512.26 प्रति किलोलीटर और कोलकाता में ₹95,164.90 प्रति किलोलीटर तक बढ़ाई गई थीं. सरकारी कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन , भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड हर महीने की पहली तारीख को ATF और कुकिंग गैस की कीमतों में बदलाव करती हैं. यह बदलाव बेंचमार्क इंटरनेशनल फ्यूल की औसत कीमत और विदेशी मुद्रा दरों के आधार पर किया जाता है.

एयरलाइंस कंपनियों के शेयरों में गिरावट

मंगलवार सुबह एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में बदलाव के बाद घरेलू एयरलाइंस इंडिगो और स्पाइसजेट के शेयर गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे. इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर सुबह NSE पर 5,087.50 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे, जो पिछले बंद भाव से 146.50 रुपए या 2.80 फीसदी कम थे. स्पाइसजेट के शेयर 10.23 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे, जो 0.09 रुपए या 0.87% की गिरावट थी. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में कंपनियों के शेयरों में और गिरावट देखने को मिल सकती है.

इंडिगो को 5,500 करोड़ का नुकसान

इंडिगो के शेयरों में गिरावट की वजह से कंपनी की वैल्यूएशन में भी ​बड़ी गिरावट देखने को मिली है. आंकड़ों को देखें तो एक दिन पहले जब शेयर बाजार बंद हुआ था, तब कंपनी की वैल्यूएशन 2,00,447.96 करोड़ रुपए थी, जो कारोबारी सत्र के दौरान 1,94,963.09 करोड़ रुपए पर आ गई. इसका मतलब है कि कंपनी की वैल्यूएशन को करीब 5,484.87 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है.

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