Journalist Divya Srivastava: की राजधानी में की एक प्रेस वार्ता के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वायरल वीडियो में एक महिला पत्रकार मुख्यमंत्री से सवाल पूछने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। इसी दौरान मुख्यमंत्री हाथ के इशारे से उन्हें रोकते हुए आगे बढ़ जाते हैं और मंच पर मौजूद बीजेपी के अन्य नेता भी उनके साथ वहां से निकल जाते हैं।

की पहचान दिव्या श्रीवास्तव के तौर पर हुई है। उन्होंने ‘टॉप सीक्रेट’ नाम के एक से बातचीत में दावा किया कि मुख्यमंत्री से सवाल पूछने की कोशिश के बाद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। दिव्या ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है और कुछ लोगों की ओर से उन्हें घर पर बुलडोजर चलाने जैसी धमकियां भी दी गई हैं। हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि कार्यक्रम में सवालजवाब का सत्र रखा ही नहीं गया था।
क्या हुआ था Press Conference में?
दिव्या श्रीवास्तव ने बताया कि वह स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर काम करती हैं और इससे पहले भी बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होती रही हैं। उनके मुताबिक, वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उत्तर प्रदेश में बारिश के बाद जलभराव और एक्सप्रेसवे से जुड़ी समस्याओं को लेकर सवाल करना चाहती थीं। दिव्या के अनुसार, मुख्यमंत्री करीब आधे घंटे तक कार्यक्रम में बोलने के बाद जब वहां से जाने लगे, तब उन्होंने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की। हालांकि, उन्हें सवाल पूछने का मौका नहीं मिला। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो सामने आया। दिव्या का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और डरानेधमकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
दिव्या श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्ट्राग्राम पर एक पोस्ट कर कहा, ‘मुझे पता है मुझे बदनाम करने की साजिश पूरी तरीके से चल रही है! बहुत अच्छा काम कर रहे है भाजपा समर्थक! शुक्रिया आप लोग इतना गाली दे रहे है, इतना गंदा बोल रहें मेरी पत्रकारिता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं क्या कर रहे हैं आप लोग यह तो बहुत गलत है ना कि आज मैं मुख्यमंत्री जी से सवाल खड़ा कर दिया तो आज आप लोग मेरे कैरेक्टर पर आ गए आप लोग मेरे करियर पर आ गए कि मैं विपक्ष की पत्रकार हूं तुम्हें बताना चाहती हूं मैं किसी भी तरीके से विपक्ष की पत्रकार नहीं हूं मैं जनता के मुद्दे उठाती हूं आप मेरी तमाम वीडियो देख सकते जिसमें मैं अखिलेश यादव जी से भी सवाल पूछता नजर आता हूं सांसद संजय सिंह से नजर सवाल पूछते हुए आता हूं कांग्रेस से सवाल पूछते नजर आती है तब आप लोग क्यों नहीं बोलने की भाजपा की पत्रकार हूं तब समाजवादी पार्टी वाले क्यों नहीं बोलते कि मैं भाजपा के पत्रकारों यह सब आप लोग मत करिए प्लीज यह बदनाम मत करिए मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है एक महिला पत्रकार होगा।’
बीजेपी ने आरोपों पर क्या कहा?
बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने दिव्या श्रीवास्तव के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस बीजेपी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित की गई थी और इसमें सवालजवाब का कोई सत्र तय नहीं था। राकेश त्रिपाठी के मुताबिक, किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालजवाब होंगे या नहीं, यह मॉडरेटर तय करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से निकलने के बाद महिला पत्रकार ने वीडियो बनाने के उद्देश्य से इस तरह की बातें कहीं।
बीजेपी प्रवक्ता ने पत्रकार की पेशेवर पहचान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वह किस संस्थान से जुड़ी हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी पत्रकार या महिला को सोशल मीडिया पर धमकी मिल रही है तो उसे पुलिस में शिकायत करनी चाहिए और पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
Akhilesh Yadav ने योगी सरकार पर साधा निशाना
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के ने पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री प्रेस के सवालों का जवाब नहीं दे सकते, वे चुनाव में जनता के सवालों का जवाब कैसे देंगे। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सवालों का सामना करने के बजाय वहां से चले गए। उनके बयान के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस और AAP ने भी किया समर्थन
आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए महिला पत्रकार के समर्थन में आवाज उठाई। पार्टी ने बीजेपी पर सवालों से बचने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को पत्रकारों के सवालों का सामना करना चाहिए। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी दिव्या श्रीवास्तव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार का काम सत्ता से सवाल पूछना है और सवाल पूछने पर किसी तरह की धमकी लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की प्रमुख अलका लांबा ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी और पत्रकारों के सवाल पूछने के अधिकार का समर्थन किया।
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आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
फिलहाल दिव्या श्रीवास्तव की ओर से लगाए गए अभद्रता और धमकी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। वहीं, बीजेपी ने कार्यक्रम में सवालजवाब का सत्र नहीं होने की बात कहते हुए आरोपों को खारिज किया है। वीडियो के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है। अब इस पूरे विवाद में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक कार्रवाई या बयान सामने आता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
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