
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश की सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में सरदार सेना की ‘आरक्षण बचाओ पदयात्रा’ बुधवार को राजधानी लखनऊ पहुंची। चारबाग रेलवे स्टेशन पर विभिन्न सरकारी भर्तियों के बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सरदार सेना के बैनर तले एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास किया। प्रदर्शन के चलते चारबाग क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल बढ़ गई।
लखनऊ पहुंचने पर पदयात्रा का किया गया जोरदार स्वागत
लखनऊ पहुंचने पर पदयात्रा का स्वागत किया गया। इसके बाद डॉ. आरएस पटेल ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सरदार सेना की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रदेश की विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। इनमें 69 हजार शिक्षक भर्ती, यूपीएसएसएससी, 68,500 शिक्षक भर्ती, पशुपालन विभाग, चिकित्सा विभाग और लेखपाल भर्ती सहित कई भर्तियों का उल्लेख किया गया है।
प्रयागराज से शुरू हुई थी पदयात्रा
सरदार सेना के संस्थापक डा. आरएस पटेल ने बताया कि 26 अगस्त को प्रयागराज स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ‘आरक्षण बचाओ पदयात्रा’ की शुरुआत की गई थी। यात्रा प्रयागराज से कौशाम्बी, फतेहपुर और रायबरेली होते हुए बुधवार को लखनऊ पहुंची। उन्होंने दावा किया कि पदयात्रा में हजारों सरदार सैनिक और आरक्षण समर्थक शामिल हुए हैं।
कई सरकारी भर्तियों में अनियमितता का आरोप
सरदार सेना का आरोप है कि प्रदेश में पिछले कई वर्षों से विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर अनियमितताओं और विसंगतियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। संगठन ने UPSSSC, 68,500 और 69 हजार शिक्षक भर्ती, पशुपालन विभाग, चिकित्सा विभाग और लेखपाल भर्ती समेत कई भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
SC, ST और OBC अभ्यर्थियों को हक नहीं मिलने का दावा
संगठन का कहना है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए संवैधानिक रूप से निर्धारित आरक्षण के बावजूद पात्र अभ्यर्थियों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। सरदार सेना ने सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था को पारदर्शी तरीके से लागू करने और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई है।
सरदार सेना की प्रमुख मांगें
पदयात्रा के माध्यम से संगठन ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर कई मांगें रखीं। इनमें
- आरक्षण रोस्टर को सार्वजनिक किया जाए।
- विभागवार और श्रेणीवार पदों की स्पष्ट जानकारी जारी की जाए।
- चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए आरक्षण निगरानी बोर्ड का गठन किया जाए।
- भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र निगरानी और सामाजिक ऑडिट की व्यवस्था हो।
- आरक्षण से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी कानून बनाया जाए।
- आरक्षण नियमों के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।



