
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के डालीबाग स्थित सपा सांसद अफजाल अंसारी की कोठी अदालत के आदेश पर बुधवार को परिवार को वापस मिल गई, लेकिन कब्जा मिलने के कुछ देर बाद ही संपत्ति में चोरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। आरोप है कि कोठी के अंदर कई अलमारियों और दराजों के ताले तोड़कर लाखों रुपये के जेवर और कीमती सामान चोरी कर लिया गया। इनमें बेटी की शादी के लिए रखे गए जेवर भी शामिल बताए जा रहे हैं। कोठी में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी गायब मिली है। सूचना पर डालीबाग चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।
2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क हुई थी संपत्ति
करीब 6,700 वर्गफुट क्षेत्रफल में बनी इस कोठी को अक्टूबर 2022 में गाजीपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 के तहत कुर्क कर सील किया था। संपत्ति अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम दर्ज है। बुधवार को अदालत के आदेश के अनुपालन में नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम डालीबाग स्थित संपत्ति पर पहुंची। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सील खोलने का पंचनामा तैयार किया गया और संपत्ति का कब्जा अफजाल अंसारी के परिवार को सौंप दिया गया।
अदालत ने अपराध से अर्जित संपत्ति मानने से किया था इनकार
गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति की कुर्की को परिवार ने अदालत में चुनौती दी थी। गाजीपुर की विशेष गैंगस्टर अदालत ने अप्रैल 2025 में सुनवाई के बाद संपत्ति को अपराध या गैंगस्टर गतिविधियों से अर्जित संपत्ति मानने से इनकार कर दिया था। अदालत ने गाजीपुर के जिलाधिकारी को 30 दिनों के भीतर संपत्ति की सील खोलकर उसे परिवार को वापस करने का आदेश दिया था। आदेश के बावजूद कब्जा वापस नहीं मिलने पर परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बुधवार को प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई कर संपत्ति का कब्जा परिवार को सौंप दिया।
अंदर पहुंचते ही बिखरा मिला सामान
अफजाल अंसारी के मुताबिक, कोठी में प्रवेश करने पर कमरों और किचन में सामान बिखरा मिला। कई अलमारियों और दराजों के ताले टूटे हुए थे। आरोप है कि उनमें रखे लाखों रुपये के जेवर और अन्य कीमती सामान गायब हैं। बेटी की शादी के लिए रखे गए जेवर भी चोरी होने की बात कही गई है। इसके अलावा कोठी में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी नहीं मिली। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद डालीबाग चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
सील संपत्ति में चोरी से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
कुर्की के बाद संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी नगर आयुक्त को प्रशासक के तौर पर दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सील संपत्ति के अंदर चोरी का आरोप लगने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्ति में चोरी कब और किस तरह हुई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
1998 में खरीदा था भूखंड
अफजाल अंसारी के मुताबिक उन्होंने वर्ष 1998 में भूखंड खरीदा था और वर्ष 2001 में मकान का निर्माण पूरा होने के बाद परिवार यहां रहने लगा था। वर्ष 2022 में संपत्ति को अपराध से अर्जित बताते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर सील कर दिया गया था। कब्जा हस्तांतरण के दौरान तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद रही। संपत्ति तक पहुंचने वाले रास्ते पर जमा कूड़ा नगर निगम के बुलडोजर से हटाया गया, जिसके बाद परिवार को कोठी तक पहुंचने का रास्ता मिला। फिलहाल पुलिस चोरी के आरोपों की जांच कर रही है। चोरी गए सामान की वास्तविक कीमत और घटना की पूरी स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।



