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​दुनिया के कई देशों ने अचानक दी राशन-पानी जमा करने की सलाह, जानें क्या होने जा रहा

दुनिया के कई देशों में इन दिनों एक नई तरह की तैयारी देखने को मिल रही है. ब्रिटेन अपने लोगों को घरों में कम से कम 72 घंटे का जरूरी सामान रखने को कह रहा है, वहीं अमेरिका अपने सैन्य ठिकानों को 90 दिनों तक बाहरी सप्लाई के बिना चलाने की योजना बना रहा है और अब जापान भी नागरिकों से खानेपीने का सामान, पानी और अन्य जरूरी चीजों का भंडार रखने की अपील करने जा रहा है. सवाल यह है कि आखिर दुनिया के विकसित देश अचानक ऐसी तैयारी क्यों कर रहे हैं?

दरअसल, इन सभी देशों की चिंताएं अलगअलग हैं, लेकिन संदेश एक ही है कि किसी भी संकट की स्थति में आम लोगों और अहम संस्थानों को शुरुआती दिनों में खुद को संभालने में सक्षम होना चाहिए. यही कारण है कि सरकारें नागरिकों और संस्थानों की ‘इमरजेंसी तैयारी’ पर जोर दे रही हैं.

ब्रिटेन क्यों दे रहा है 72 घंटे की तैयारी की सलाह?
ब्रिटेन सरकार ने ‘बी रेडी’ अभियान शुरू किया है. इसके तहत लोगों को कम से कम 72 घंटे के लिए पीने का पानी, लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला भोजन, दवाएं, टॉर्च, बैटरियां, रेडियो, पावर बैंक और कुछ नकदी घर में रखने की सलाह दी गई है.
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि खराब मौसम, बाढ़, जंगलों में आग, बिजली और इंटरनेट सेवाओं में रकावट, साइबर हमले तथा महत्वपूर्ण ढांचे पर संभावित हमलों जैसी स्थितियां आम जीवन को प्रभावित कर सकती हैं. सरकार चाहती है कि संकट की शुरुआती घड़ियों में लोग पूरी तरह सरकारी मदद पर निर्भर न रहें. ब्रिटेन के रक्षा अधिकारियों ने हाल के दिनों में साइबर हमलों, सप्लाई चेन में रुकावट और अहम सेवाओं पर विदेशी दुश्मन वाली गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई है.

अमेरिका की चिंता क्या है?
अमेरिका का मामला थोड़ा अलग है. वहां नागरिकों के बजाय सैन्य तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है. अमेरिकी रक्षा विभाग ने ‘FORTRESS’ नाम की पहल शुरू की है, इसके तहत प्रमुख सैन्य ठिकानों को कम से कम 90 दिनों तक बिजली, पानी, ईंधन और संचार जैसी जरूरतों के लिए बाहरी व्यवस्था पर निर्भर न रहने लायक बनाने की योजना है.

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