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​मायावती का SP-कांग्रेस पर हमला; अशोक सिद्धार्थ के संन्यास पर भी बड़ा दावा

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों पर तीखा हमला बोला है. मायावती ने आरोप लगाया कि दूसरी पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता बीएसपी के नीले रंग का इस्तेमाल कर लेने भर से बहुजन समाज के हितैषी या अंबेडकरवादी नहीं बन सकते. उन्होंने कहा कि कपड़ों, गमछों और मंचों पर नीला रंग इस्तेमाल करने से वर्षों से चली आ रही जातिवादी, संकीर्ण, सामंतवादी और पूंजीवादी सोच नहीं बदल सकती.

​मायावती का SP-कांग्रेस पर हमला; अशोक सिद्धार्थ के संन्यास पर भी बड़ा दावा

मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के वास्तविक हित और कल्याण के लिए पहले विपक्षी दलों को अपना दिल और दिमाग साफ करना होगा. उन्होंने समाजवादी पार्टी के PDA को लेकर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि दलित, पिछड़े, आदिवासी और अन्य उपेक्षित वर्गों के मुद्दों पर सपा का रवैया कथनी और करनी में अंतर वाला रहा है.

गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं

मायावती ने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों पर आए दिन अपना रुख बदलती रहती हैं. उन्होंने खास तौर पर सपा के PDA की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन वर्गों के मामले में पार्टी की सोच, चाल, चरित्र और चेहरा कथित तौर पर दोगला और बेईमान रहा है. मायावती ने दावा किया कि बहुजन समाज के वास्तविक हितों की लड़ाई लड़ने वाली एकमात्र अंबेडकरवादी पार्टी बीएसपी है.

पार्टी से निकाले गए नेताओं पर भी निशाना

बीएसपी प्रमुख मायावती ने पार्टी से अनुशासनहीनता समेत विभिन्न कारणों से निष्कासित किए गए नेताओं को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पार्टी से निकाले गए कई लोग बाद में दूसरी पार्टियों में चले गए और कई बार अपना राजनीतिक ठिकाना बदल चुके हैं. मायावती ने ऐसे नेताओं को अवसरवादी बताते हुए कहा कि जो लोग बारबार पार्टियां बदलते हैं, वे किसी भी पार्टी के हित में नहीं हो सकते.

छोटी पार्टियों के अस्तित्व पर भी सवाल

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीएसपी से निकाले गए कुछ लोग दूसरी पार्टियों के हाथों में खेलकर छोटीछोटी पार्टियां और संगठन बना लेते हैं. मायावती के मुताबिक, ऐसी पार्टियों से बहुजन समाज का सामूहिक हित पूरा नहीं हो सकता. मायावती ने कहा कि ऐसी छोटी पार्टियां अक्सर बिना गठबंधन के चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं होतीं और किसी भी पार्टी की सरकार बनने पर सत्ता में शामिल होने से भी खुद को अलग नहीं रख पातीं.

कांग्रेस को बताया डूबता जहाज

मायावती ने कांग्रेस पर भी सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिन निष्कासित नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने की बात कर रही है, वह खुद डूबते जहाज की तरह है. मायावती ने सवाल उठाया कि ऐसी पार्टी में शामिल होकर कोई अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में क्यों डालेगा. उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए दावा किया कि अंबेडकर ने अपने जीवनकाल में बहुजन समाज के लोगों को कांग्रेस से दूरी बनाने के लिए कहा था.

अशोक सिद्धार्थ के संन्यास पर मायावती का बड़ा दावा

मायावती ने पूर्व बीएसपी नेता अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी एक अहम दावा किया. उन्होंने कहा कि जिस दिन बीएसपी ने अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी थी, उस दिन उन्होंने तत्काल संन्यास की घोषणा नहीं की थी. मायावती के मुताबिक, उस दिन अशोक सिद्धार्थ पर काफी दबाव था और उन्होंने संन्यास की घोषणा को रोकने के लिए पूरी रात कथित तौर पर किस्मकिस्म के हथकंडे अपनाए.

मायावती ने दावा किया कि जब इसमें कामयाबी नहीं मिली तो अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने मजबूरी में संन्यास की घोषणा की. अब सवाल यह है कि मायावती के इन तीखे हमलों का सपा, कांग्रेस और अशोक सिद्धार्थ की ओर से क्या जवाब आता है और 2027 के चुनाव से पहले यूपी की बहुजन राजनीति में इसका कितना असर दिखाई देता है.

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