
लखनऊ, अमृत विचार। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना उत्तर प्रदेश समेत देशभर के पात्र किसानों के लिए खेतीकिसानी के खर्च में सीधी आर्थिक मदद का बड़ा माध्यम बनी हुई है। इस योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है।
यह राशि 2,0002,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। खास बात यह है कि देशभर में लागू इस योजना की शुरुआत यूपी के गोरखपुर जिले से हुई थी। जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को की थी। अब प्रदेश के करोड़ों किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
पीके 2.17 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिला लाभ
बता दें कि PMKISAN की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई। इस किस्त में देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई। इसमें यूपी की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। प्रदेश के 2.17 करोड़ से ज्यादा पात्र किसानों को इस किस्त के तहत कुल 4,352.40 करोड़ रुपये की सीधी आर्थिक सहायता मिली।
हर साल 6 हजार रुपये, तीन किस्तों में मिलती है रकम
PMKISAN केंद्र सरकार की योजना है और इसका पूरा वित्तीय भार भारत सरकार उठाती है। पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह रकम तीन किस्तों में DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में पहुंचती है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान का eKYC पूरा होना और आधार का बैंक खाते से सीड होना जरूरी है। इससे लाभ की राशि सीधे पात्र किसान तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
बीज, खाद और जुताई के खर्च में मिलती है मदद
PMKISAN के प्रभाव को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कृषिआर्थिक अनुसंधान केंद्र की ओर से 2022 में अध्ययन किया गया था। अध्ययन में सामने आया कि योजना के अधिकांश लाभार्थी छोटे और सीमांत किसान थे, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन थी।
अध्ययन के मुताबिक किसानों ने PMKISAN से मिली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से खेती के जरूरी खर्चों में किया। इसमें जुताई, खाद और बीज की खरीद प्रमुख रही। अध्ययन में लाभार्थी किसानों के खेतों में धान की उपज गैरलाभार्थी किसानों की तुलना में 3.08 प्रतिशत और गेहूं की उपज 1.93 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। वहीं, लाभार्थी परिवारों की शुद्ध कृषि आय में 9.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
203031 तक जारी रहेगी PMKISAN
किसानों को मिलने वाली इस सीधी आय सहायता को आगे भी जारी रखने का फैसला किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PMKISAN योजना को 202627 से 203031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस फैसले से किसानों को आने वाले वर्षों में भी योजना के तहत निर्धारित आर्थिक सहायता मिलती रहने की उम्मीद है।
PMKISAN लाभार्थियों को KCC का भी फायदा
PMKISAN लाभार्थी किसान किसान क्रेडिट कार्ड के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने KCC को PMKISAN से जोड़ा है। इसके माध्यम से किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के लिए कम ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण की सुविधा मिल सकती है। यानी PMKISAN सिर्फ सालाना 6,000 रुपये की सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को खेती के खर्च के साथसाथ संस्थागत कर्ज की सुविधा से जोड़ने में भी मदद करती है।



