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​यूपी में चढ़ रहा सियासी पारा, ये हैं चुनाव के प्रमुख महिला चेहरे

उत्तर प्रदेश की सियासत हमेशा से देश की सत्ता का मुख्य केंद्र रही है. आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है. इस बार यूपी की राजनीति में पुरुष नेताओं के साथसाथ महिला नेताओं की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण हो गई है. सूबे की राजनीति को धार दे रहीं ये प्रमुख महिला चेहरे हर मोर्चे पर डटी हैं. चुनाव प्रचार में नजर आ सकती हैं. जानिए इनके बारे में…

​यूपी में चढ़ रहा सियासी पारा, ये हैं चुनाव के प्रमुख महिला चेहरे

डिंपल यादव मैनपुरी से लोकसभा सांसद हैं. सपा के शीर्ष परिवार से आने वाली डिंपल पार्टी का सबसे बड़ा महिला चेहरा हैं. वह न केवल संसद में जनता की आवाज उठा रही हैं, बल्कि पार्टी के सांगठनिक कार्यक्रमों और महिला विंग को धार देने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.

इकरा हसन कैराना से लोकसभा सांसद हैं. लंदन से कानून की पढ़ाई कर लौटीं इकरा पश्चिम यूपी की राजनीति में एक बेहद उभरता और प्रखर युवा चेहरा हैं. वह जमीनी मुद्दों और किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार मुखर रहती हैं.

प्रिया सरोज वर्तमान में मछलीशहर से लोकसभा सांसद और पेशे से सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं. वह देश की सबसे युवा महिला सांसदों में से एक हैं. पूर्वांचल के दलित और युवा समीकरणों के बीच वह सपा के लिए एक मजबूत स्तंभ की तरह उभर रही हैं.

मुलायम परिवार की बहू अपर्णा यादव भाजपा में शामिल होने के बाद से लगातार सांगठनिक स्तर पर सक्रिय हैं. हाल ही में उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इसके जरिए वे महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकारी नीतियों को आगे बढ़ा रही हैं.

अनुप्रिया पटेल अपना दल सोनेलाल की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मिर्जापुर से लोकसभा सांसद हैं. वर्तमान में वह केंद्र सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं. यूपी में ओबीसी यानी कुर्मी वोट बैंक पर उनकी मजबूत पकड़ है.

पल्लवी पटेल अपना दल की कद्दावर नेता हैं और सिराथू सीट से विधायक हैं. अनुप्रिया पटेल की बहन पल्लवी ने विपक्षी खेमे में रहकर लगातार पिछड़ों और वंचितों की राजनीति को धार दी है और वह नए राजनीतिक मोर्चों के गठन में सक्रिय रहती हैं.

अदिति सिंह वर्तमान में रायबरेली सदर सीट से भाजपा विधायक हैं. कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले रायबरेली में कमल खिलाने वाली अदिति युवाओं और महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं और विधानसभा के भीतर व बाहर विपक्षी गढ़ में भाजपा को मजबूती दे रही हैं.

बेबी रानी मौर्य उत्तर प्रदेश सरकार में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार कैबिनेट मंत्री हैं. वह आगरा ग्रामीण से विधायक हैं. भाजपा के भीतर वह सूबे का सबसे बड़ा और वरिष्ठ दलित चेहरा मानी जाती हैं.

केतकी सिंह बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं. पूर्वांचल की छात्र राजनीति से उभरकर आईं केतकी सिंह अपने आक्रामक अंदाज और जमीनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं और इलाके के राजपूत समीकरणों में उनका खासा प्रभाव है.

अनुपमा जायसवाल बहराइच से भाजपा विधायक हैं और सूबे की पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री रह चुकी हैं. वह वैश्य समुदाय और महिला मतदाताओं के बीच भाजपा के जनाधार को मजबूत करने के लिए अवध और तराई क्षेत्र में सांगठनिक स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी संभालती हैं.

रजनी तिवारी हरदोई की शाहाबाद सीट से भाजपा विधायक हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री के रूप में अपनी भूमिका निभा रही हैं. वह मध्य यूपी में ब्राह्मण समाज और महिला वर्ग में पार्टी की पैठ मजबूत कर रही हैं.

पेशे से डॉक्टर रागिनी सोनकर जौनपुर की मड़ियाहूं सीट से सपा विधायक हैं. वह विधानसभा में अपनी तार्किक और तीखी बयानबाजी के लिए मशहूर हैं. सपा के युवा और पढ़ेलिखे दलित चेहरों में उनकी गिनती प्रमुखता से होती है.

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