बरेली में बीजेपी के पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में खाली पड़ी कुर्सियों को लेकर सियासत तेज हो गई है. 24 सितंबर को आयोजित सम्मेलन में कार्यक्रम शुरू होने के समय सभागार में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली नजर आईं. कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा. वहीं, बरेली के सपा जिलाध्यक्ष और कांग्रेस नेताओं ने भी सम्मेलन में कम भीड़ को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाए.

खाली कुर्सियों पर अखिलेश यादव का तंज
बरेली में बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन की तस्वीरें सामने आने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बीजेपी पर निशाना साधा. अखिलेश ने दावा किया कि सम्मेलन में कुर्सियां खाली रह गईं और मंच पर बीजेपी सांसद और स्थानीय नेता लोगों के आने का इंतजार करते रहे. अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में महाराष्ट्र से आए कथित भ्रष्टाचार के पैसे का भी जिक्र किया और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए.
बरेली में भाजपा द्वारा आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मलेन में कुर्सियां खाली ही रह गईं और मंच पर भाजपाई सांसद व स्थानीय नेतागण कई घंटों तक जनता के आने का इंतजार ही करते रह गये। महाराष्ट्र से आये हुए कुबेर का भ्रष्टाचार का ख़ज़ाना भी काम नहीं आया। उप्र की जनता मंदिर से चुराये गये भाजपा pic.twitter.com/XNqua6qS3t
— Akhilesh Yadav September 25, 2026
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी के कथित ‘पाप के पैसे’ को स्वीकार नहीं करना चाहती. अखिलेश ने इसे PDA समाज की ओर से बीजेपी को ‘हकीकत का आईना’ दिखाना बताया और पोस्ट के अंत में बीजेपी को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की. सम्मेलन का आयोजन पिछड़ा वर्ग समाज कल्याण समिति की ओर से किया गया था. कार्यक्रम में बीजेपी सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार समेत कई नेता मौजूद थे.
बीजेपी सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने क्या कहा?
कार्यक्रम शाम पांच बजे शुरू होना था, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का इंतजार किया गया और करीब 6:30 बजे सम्मेलन शुरू हुआ. सम्मेलन में मौजूद बीजेपी सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार से जब कार्यक्रम में खाली कुर्सियों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सम्मेलन का आयोजन उनकी ओर से नहीं किया गया था. उन्हें आयोजकों की तरफ से कार्यक्रम में बुलाया गया था और व्यवस्था की जिम्मेदारी भी आयोजकों की थी.
सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने सम्मेलन के उद्देश्य को लेकर कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज को संगठित और मजबूत करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने पिछड़ेपन को केवल किसी एक वर्ग तक सीमित न मानते हुए आर्थिक और सामाजिक स्थिति से जोड़ने की बात कही. छत्रपाल सिंह गंगवार ने कहा कि समाज के अलगअलग वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर लोग हैं और उनकी समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए.
सपा जिलाध्यक्ष का बीजेपी पर हमला
अखिलेश यादव के बयान के बाद बरेली में सपा ने भी बीजेपी को निशाने पर लिया. सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में बीजेपी सरकार के दौरान पिछड़े समाज के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ है. उन्होंने आरक्षण के नियमों की अनदेखी और संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर किए जाने का आरोप लगाया. हालांकि ये सपा जिलाध्यक्ष के राजनीतिक आरोप हैं, जिनका बीजेपी की ओर से इस मामले में अलग जवाब सामने आना बाकी है.
यूपी के बरेली में BJP पिछड़ा प्रकोष्ठ की बैठक हो रही है
यह खचाखच भरा हॉल बदलते वक़्त की तस्वीर है
pic.twitter.com/urG6zShybN— Supriya Shrinate September 25, 2026
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में कम भीड़ को लेकर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए. कांग्रेस के जिला प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने कहा कि सम्मेलन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने से बीजेपी के जनाधार को लेकर सवाल खड़े होते हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने रोजगार, किसानों की समस्याओं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी बड़ेबड़े कार्यक्रमों के जरिए जनसमर्थन का माहौल दिखाने की कोशिश करती है, जबकि जमीन पर तस्वीर अलग है.



