चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने अज्ञात एवं लावारिस मृतकों की डिजिटल पहचान के लिए राज्यव्यापी सार्वजनिक पोर्टल ‘पहचान’ लॉन्च कर देश में नयी पहल की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार को इस पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया। पोर्टल के माध्यम से राज्य के सरकारी शवगृहों में रखे अज्ञात एवं लावारिस शवों की तस्वीरें, टैटू, जन्मचिह्न, शारीरिक विकृतियों और अन्य पहचान संबंधी विवरण पोस्टमार्टम के 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन अपलोड किये जाएंगे। परिवार देश या विदेश से नि:शुल्क पोर्टल पर अपने लापता परिजनों की तलाश कर सकेंगे।
किसी व्यक्ति के संभावित परिजन द्वारा ऑनलाइन दावा किये जाने पर संबंधित जांच अधिकारी को स्वत: सूचना मिलेगी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत पहचान की कार्रवाई की जाएगी। इससे परिवारों को शवगृह या पुलिस थाने के बारबार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
डॉ. सिंह ने कहा कि पंजाब में हर वर्ष करीब 5,000 से 6,000 लोग अज्ञात या लावारिस स्थिति में दम तोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि हर मृत व्यक्ति किसी न किसी का बेटा, बेटी, जीवनसाथी या मातापिता होता है और कहीं न कहीं कोई परिवार अपने प्रियजन की प्रतीक्षा कर रहा होता है। उन्होंने कहा कि मृतकों की गरिमा सुनिश्चित करना जीवित लोगों के स्वास्थ्य की तरह ही सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने बताया कि ‘पहचान’ पोर्टल पंजाब के डिजिटल मेडिकोलीगल ‘ मेडलीपर ‘ सॉफ्टवेयर पर आधारित है। यह प्रणाली राज्य के सभी 23 जिलों और 346 सरकारी अस्पतालों में संचालित है तथा इसमें 6,600 से अधिक मेडिकल अधिकारी पंजीकृत हैं। इसके माध्यम से 12 लाख से अधिक मेडिकोलीगल एवं पोस्टमार्टम मामलों का रिकॉर्ड दर्ज किया जा चुका है।
श्री सिंह के अनुसार ‘ मेडलीपर ‘ पुलिस, अदालतों, स्वास्थ्य संस्थानों और नौ फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं को जोड़ता है तथा लापता व्यक्तियों के रिकॉर्ड के मिलान के लिए सीसीटीएनएस से भी एकीकृत है। पंजाब की इस मेडिकोलीगल दस्तावेजीकरण व्यवस्था का अध्ययन देश के करीब 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जा चुका है।
डॉ. सिंह ने कहा कि ‘पहचान’ पोर्टल डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के
प्रावधानों के अनुरूप तैयार किया गया है। उन्होंने सिविल सर्जनों, मेडिकल अधिकारियों और शवगृह कर्मचारियों से समय पर जानकारी दर्ज करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी तत्परता बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।



