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​RailOne App: अब अपने साथ रिश्तेदारों-दोस्तों के लिए भी बुक करें सीजन टिकट, 5 लोगों तक की सुविधा, जानें नए नियम और जरूरी बातें

: रेलवन ऐप पर रेलवे ने शेयरेबल यूटीएस सीजन टिकट की सुविधा शुरू की है। यह व्यवस्था 2 सितंबर 2026 से लागू हुई है। अब तक यात्री सीजन टिकट केवल अपने नाम से बुक कर सकते थे, लेकिन नई सुविधा के बाद वे परिवार के सदस्यों और दोस्तों के लिए भी टिकट बुक कर सकेंगे।

​RailOne App: अब अपने साथ रिश्तेदारों-दोस्तों के लिए भी बुक करें सीजन टिकट, 5 लोगों तक की सुविधा, जानें नए नियम और जरूरी बातें

इसके लिए यात्री को रेलवे के डिजिटल टिकटिंग सिस्टम में रजिस्टर्ड यूजर होना जरूरी है। इससे घर बैठे मंथली पास बुक करने की सुविधा और आसान हो गई है।

अधिकतम 5 लोगों के लिए कर सकेंगे बुकिंग

रेलवन ऐप पर एक रजिस्टर्ड यूजर अपने लिए टिकट बुक करने के साथ अधिकतम 5 अन्य पात्र लोगों के लिए भी सीजन टिकट बुक कर सकता है। जिन लोगों के नाम पर टिकट बुक किया जाएगा, उन्हीं को उस टिकट पर यात्रा करने की अनुमति होगी। मुंबई लोकल के मामले में उपनगरीय रेलवे नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। यानी टिकट जिस यात्री के नाम पर जारी होगा, यात्रा का अधिकार भी उसी यात्री का रहेगा।

टिकट की वैधता में भी है खास नियम

रेलवन ऐप से अपने नाम पर बुक किया गया टिकट बुकिंग वाले दिन से ही वैध होगा। इसके लिए जियोफेंसिंग वेरिफिकेशन पूरा होना जरूरी है।

वहीं, किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक किया गया शेयरेबल सीजन टिकट बुकिंग की तारीख के अगले दिन से प्रभावी होगा। मुख्य यूजर की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए, जबकि जिस व्यक्ति के लिए टिकट बुक किया जा रहा है, उसकी न्यूनतम उम्र 5 साल तय की गई है।

यात्रा में फोटो और टिकट दिखाना जरूरी

यात्रा के दौरान यात्री को शेयरेबल सीजन टिकट की प्रिंटेड कॉपी या मोबाइल में मौजूद वैध PDF या इलेक्ट्रॉनिक कॉपी दिखानी होगी।

टिकट पर यात्री की साफ फोटो और जरूरी विवरण दिखाई देना चाहिए। केवल पे स्लिप, पेमेंट रसीद या सामान्य स्क्रीनशॉट को वैध टिकट नहीं माना जाएगा। इसी तरह सामान्य UTS पेपर टिकट की फोटोकॉपी भी यात्रा के लिए मान्य नहीं होगी।

QR Code से होगी टिकट की जांच

रेलवन ऐप के टिकट में मौजूद QR Code Ticket जांच का अहम हिस्सा होगा। चेकिंग स्टाफ पहले टिकट की फोटो का मिलान यात्री से करेगा। जरूरत पड़ने पर TTE अपनी HHT मशीन से QR कोड स्कैन कर सकता है। अगर QR कोड डैमेज, बदला हुआ या पढ़ने योग्य नहीं है और डिजिटल वेरिफिकेशन नहीं हो पाता, तो टिकट को अवैध माना जा सकता है। इसलिए यात्रियों को टिकट की डिजिटल कॉपी और QR कोड सुरक्षित रखना होगा।

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