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​6 साल की उम्र में सौतेली मां का उत्पीड़न, पति से भी नहीं मिला वो प्यार; श्रद्धा ने क्यों बनाया हुस्न को हथियार?

वो तो सामान्य परिवार की एक मासूम बेटी थी, लेकिन हालात ने उसे ऐसे ऐसे जख्म दिए कि वह अपनी बाली उम्र में ही विद्रोही बन गई. पिता से विद्रोह किया, लखनऊ पहुंची, रिश्तेदार ने पालपोष कर बड़ा किया. तभी पिता ने उसकी शादी हैदराबाद की एक प्रतिष्ठित कंपनी में आईटी इंजीनियर के साथ कर दी. कुछ दिन पति के साथ भी रही, एक बेटा भी पैदा हुआ, लेकिन वो प्यार नहीं मिला. यहीं पर उसने पति से विद्रोह किया और फिर बन गई आज की श्रद्धा दुबे.

​6 साल की उम्र में सौतेली मां का उत्पीड़न, पति से भी नहीं मिला वो प्यार; श्रद्धा ने क्यों बनाया हुस्न को हथियार?

इस प्रसंग में लखनऊ की उसी श्रद्धा दुबे की कहानी है, जिसमें उसके खाकीखादी से लेकर अंडरवर्ल्ड तक से कनेक्शन के साथ उसकी उन अनछुई कहानियां भी बताएंगे, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो सकते हैं. आइए, शुरू से शुरू करते हैं. श्रद्धा दुबे का जन्म रायबरेली के रहने वाले एक सामान्य परिवार में हुआ था. उसके पिता एसके दुबे जेई से रिटायर्ड हैं. करीब छह साल की उम्र में श्रद्धा की मां का देहांत हो गया. उस समय उसकी छोटी बहन रश्मि महज तीन साल की थी.

पिता ने की दूसरी शादी

श्रद्धा की मां के देहांत के कुछ ही दिन बाद एसके दुबे ने दूसरी शादी कर ली. लेकिन श्रद्धा की सौतेली मां से एक दम नहीं पटी. आए दिन वह श्रद्धा की पिटाई कर देती थी. पिता भी अपनी दूसरी पत्नी का पक्ष लेते. ऐसे में श्रद्धा दुबे ने विद्रोही तेवर अपना लिया और बहन रश्मि को लेकर लखनऊ में रहने वाले रिश्तेदार के पास चली आई. 19 साल की उम्र तक वह यहीं रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की.

आईटी इंजीनियर से हुई शादी

वह 1920 साल की रही होगी, तभी पिता एसके दुबे ने हैदराबाद में रहने वाले युवक से उसकी शादी कर दी. श्रद्धा का पति हैदराबाद स्थित एक प्रतिष्ठित एमएनसी में इंजीनियर है. इस शादी के बाद कुछ दिन तो अच्छे बीते, लेकिन श्रद्धा का पति से मन भर गया. उसकी महत्वाकांक्षा जगने लगी. फिर उसने पति से बातकर फैशन डिजाइनिंग एवं मॉडलिंग के कोर्स में एडमिशन लिया. एक तरफ उसका कोर्स पूरा हुआ, दूसरी ओर उसे उसे एक बेटा पैदा हो गया.

पति को छोड़कर आ गई लखनऊ

श्रद्धा चाहती थी कि वह लखनऊ रहे, पति की इच्छा हैदराबाद के पॉश इलाके में कोठी खरीदकर घर बसाने की थी. विचारों में मतभेद हुआ तो महज चार या पांच साल साथ रहने के बाद श्रद्धा ने पति को भी छोड़ दिया. बच्चे को भी छोड़ दिया और लखनऊ आ गई. यहां कुछ दिन तो वह शांत बैठी रही, लेकिन साल 2022 में मॉडलिंग के क्षेत्र में एक्टिव हो गई. जयपुर और दिल्ली में उसने कई कार्यक्रम अटेंड किए. इसी दौरान वह पहली बार डी कंपनी के गुर्ग जुल्फीकार के संपर्क में आई.

फिर रखा अपराध में कदम

उन दिनों जुल्फीकार उर्फ जुल्फी अबू सलेम के कहने पर दिल्ली और लखनऊ में पांव पसारने की कोशिश कर रहा था. उसे श्रद्धा का साथ मिला और फिर दोनों मिलकर उगाही, रंगदारी और ब्लैमेलिंग का काम करने लगे. फिर कुछ और अपराधी इसके संपर्क में आए. इन अपराधियों के जरिए ही उसने कई नेताओं, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भी नजदीकी हासिल की. फिर इसने आयुष्मान घोटाले को अंजाम दिया.

शिवा से चार महीने का साथ

चार महीने यानी जुलाई 2026 में श्रद्धा दुबे एक कार्यक्रम में गई थी. वहीं पर उसकी मुलाकात शिवा शर्मा से हुई. उस समय शिवा शर्मा की तीन फर्म संचालित हो रहीं थी. इसमें एक कपड़े की दुकान थी, दूसरा चिकन पॉइंट और तीसरा कैफे. फिर दोनों की मुलाकातें बढ़ीं और महज एक महीने बाद यानी अगस्त में दोनों साथ रहने लगे. आरोप है कि श्रद्धा की ख्वाहिशें पूरी करने के चक्कर में शिवा की कपड़े की दुकान बर्बादी के कगार पर पहुंच गई. चिकन पॉइंट भी घाटे में आ गया था.

लेनदेन को लेकर हुआ झगड़ा

आरोप है कि इस घाटे की वजह से शिवा तनाव में रहने लगा. वह श्रद्धा की डिमांड भी पूरी नहीं कर पा रहा था. यहां तक कि जो जेवर उसने कुछ दिन पहले श्रद्धा के लिए बनवाए थे, उसे भी बेच दिया. इसको लेकर श्रद्धा ने उसे खूब हड़काया. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में सामने आया है. आरोप है कि इसी लेनदेन के विवाद में बीते 9 अक्टूबर को उसकी हत्या भी हुई. और मामले को सुसाइड करार देने के लिए शव को चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया.

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