
सुलतानपुर, अमृत विचार। जिस तिरंगे को सीने से लगाकर हवलदार आनंद प्रकाश तिवारी देश की सेवा कर रहे थे, वही तिरंगा मंगलवार को उनकी अंतिम विदाई के बाद उनके पिता बलराम तिवारी को सौंपा गया। जवान ने तिरंगा पिता के हाथों में देते हुए कहा कि इसे बेटे की याद में राष्ट्रीय पर्वों पर फहराइएगा। बेटे की आखिरी निशानी के रूप में तिरंगा हाथ में आते ही बलराम तिवारी भावुक हो उठे। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ स्थित एसएसबी कैंप में सोमवार को गोली लगने से जान गंवाने वाले कुड़वार थाना क्षेत्र के नेवरा खादर बसंतपुर निवासी हवलदार आनंद प्रकाश तिवारी का पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव पहुंचा। तिरंगे में लिपटे बेटे को देखकर परिवार में कोहराम मच गया। मां राजेश्वरी, पत्नी प्रियंका और अन्य परिजनों की चीखपुकार से पूरा माहौल गमगीन हो उठा।
तिरंगा सौंपते समय जवान ने कही भावुक बात
28वीं एसएसबी के सूबेदार राजेंद्र के साथ लखीमपुर खीरी से पहुंचे जवान पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंचे। अंतिम संस्कार से पहले एसएसबी जवान पार्थिव शरीर को परिजनों के साथ राजघाट ले गए। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। अंतिम सलामी के बाद एक जवान ने तिरंगा आनंद के पिता बलराम तिवारी को सौंपा। जवान ने उनसे कहा कि “इसे बेटे की याद में राष्ट्रीय पर्वों पर फहराइएगा।” बेटे की शहादत की निशानी के तौर पर तिरंगा हाथ में लेते ही पिता की आंखें छलक उठीं। इस भावुक दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया।
16 वर्षीय बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि
तिरंगे में लिपटे पिता को देखकर 16 वर्षीय बेटा अनुभव स्तब्ध रह गया। अंतिम संस्कार की स्थानीय परंपराएं पूरी होने के बाद अनुभव ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और नम आंखों से हवलदार आनंद प्रकाश तिवारी को अंतिम विदाई दी।
अधिकारियों की मौजूदगी में दी गई अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर गरिमा सौनकिया, राजस्व निरीक्षक शिव प्रसाद, प्रभारी थानाध्यक्ष दिनेश यादव और उपनिरीक्षक अंबरीश पाठक पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।
नेताओं ने भी परिवार को बंधाया ढांढस
जवान के निधन की सूचना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा नेता रामचंद्र मिश्रा, पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू, ओम प्रकाश पांडेय बजरंगी, अखिलेश तिवारी और मनीषा पांडेय समेत कई लोग गांव पहुंचे। सभी ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई और उन्हें ढांढस बंधाया।
15 साल पहले आनंद SSB में हुए थे भर्ती, शहादत की खबर मिलते ही मचा कोहराम
रविवार रात बेटे से फोन पर बात करने के बाद पिता बलराम तिवारी इस उम्मीद में सोए थे कि सुबह फिर आनंद की आवाज सुनेंगे। लेकिन सोमवार भोर उनके लिए जिंदगी की सबसे दर्दनाक खबर लेकर आई। छत्तीसगढ़ के रायपुर में मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से सुलतानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र के नेवरा खादर बसंतपुर गांव निवासी एसएसबी के सूबेदार आनंद प्रकाश तिवारी शहीद हो गए। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बलराम तिवारी के तीन बेटों में सबसे छोटे आनंद प्रकाश करीब 15 वर्ष पहले सशस्त्र सीमा बल में भर्ती हुए थे। देश सेवा के लिए घर से निकले आनंद की पिछले करीब दो वर्षों से छत्तीसगढ़ में तैनाती थी। रविवार रात पिता से फोन पर हुई बातचीत ही उनकी आखिरी बातचीत साबित हुई। बेटे की शहादत की खबर के बाद परिजन बेसुध हैं।



