
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश की कृषि संस्कृति, तकनीक और किसानों के उत्पादों की झलक इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो में देखने को मिलेगी। यहां कृषि उत्पादों, उपकरणों, बीज, उर्वरक और पौध संरक्षण रसायनों से जुड़ी कंपनियों के साथ किसान उत्पादक संगठन अपने उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो2026 में कृषि विभाग को करीब 1,000 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र आवंटित किया गया है। कृषि विभाग के संवाद और समन्वय से 20 से अधिक एफपीओ इसमें हिस्सा लेंगे। अलीगढ़, सीतापुर, वाराणसी, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, ललितपुर, मीरजापुर, हरदोई, बुलंदशहर, प्रतापगढ़, बहराइच, इटावा, गाजियाबाद, अमरोहा, कानपुर, सहारनपुर और गोंडा समेत कई जिलों के एफपीओ भाग लेंगे। प्रदर्शनी में एफपीओ के 20, कृषि निवेश से जुड़ी बीज, पेस्टिसाइड, उर्वरक और कृषि यंत्र बनाने वाली कंपनियों के 40 तथा एक शासकीय स्टॉल समेत कुल 61 स्टॉल लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम और वाराणसी स्थित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र भी भागीदारी करेगा।
कृषि तकनीक से रूबरू होंगे देशविदेश के खरीदार
प्रदर्शनी में कृषि यंत्रीकरण, बीज, उर्वरक, पौध संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रमुखता दी जाएगी। इससे प्रदेश के प्रगतिशील किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने अपने उत्पाद और तकनीक प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। कृषि विभाग ने आयोजन की व्यवस्था के लिए संयुक्त कृषि निदेशक ए.के. सिंह को नोडल अधिकारी बनाया है। बीज कंपनियों के लिए अपर कृषि निदेशक वाईपी सिंह, उर्वरक के लिए संयुक्त कृषि निदेशक हरेंद्र कुमार मिश्र, कृषि रक्षा रसायनों के लिए अपर कृषि निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र तथा कृषि उपकरण और ड्रोन कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक बलराम वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है।
कृषि विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यहां आने वाले अतिथि व आगंतुक उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में एफपीओ, बीज कंपनी, उर्वरक कंपनी, कृषि यंत्रीकरण कंपनी आदि की भी सहभागिता रहेगी।
सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश
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