श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर तीन नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इनमें पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, वर्तमान मेजर जनरल संजय प्रताप विश्वाश राव और राजस्थान की सेवानिवृत्त IAS अधिकारी श्रुति भारद्वाज का नाम शामिल था. लेकिन इनमें से पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी है.

देवरिया, उत्तर प्रदेश के रहने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के AOCinC रह चुके हैं. वहीं महाराष्ट्र निवासी मेजर जनरल संजय प्रताप विश्वाश राव फिलहाल सेना में मेजर जरनल के पद कार्यरत हैं और इसी महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं. जितेंद्र मिश्रा के मातापिता लेक्चर थे और बहन डॉक्टर थी.
इंटरव्यू के समय जितेंद्र मिश्रा थे सेवानिवृत्त
तीसरी उम्मीदवार श्रुति भारद्वाज राजस्थान कैडर की IAS अधिकारी रही हैं और इसी महीने सेवानिवृत्त हुई हैं. खास बात यह है कि चयन समिति ने जिन तीन नामों को शॉर्टलिस्ट कर ट्रस्ट को भेजा था, उनमें जितेंद्र मिश्रा ही इंटरव्यू के समय सेवानिवृत्त थे, जबकि संजय प्रताप विश्वाश राव और श्रुति भारद्वाज उस समय सेवा में थे.
वायु सेना के अनुभवी पूर्व अधिकारी
अयोध्या में राम मंदिर के CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद उनकी चर्चा शुरू हो गई है. जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के एक बहुत अनुभवी पूर्व अधिकारी हैं. वे एयर मार्शल के पद से रिटायर हुए और इससे पहले वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंगइनचीफ के तौर पर काम कर चुके हैं. 1986 में फाइटर स्ट्रीम में शामिल होने के बाद, उन्होंने लगभग चार दशकों का अपना सैन्य करियर पूरा किया. उन्होंने 2025 में वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंगइनचीफ के तौर पर काम किया.
1986 में एयरफोर्स में शामिल हुए थे जितेंद्र मिश्रा
जितेंद्र मिश्रा दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के तौर पर भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे. अपनी 39 साल की सेवा के दौरान, एयर मार्शल ने कई अहम कमांड और स्टाफ पदों पर काम किया. अपने करियर में उन्होंने फाइटर और टेस्ट पायलट की ड्यूटी से लेकर ट्रेनिंग और रणनीतिक योजना बनाने तक की अहम जिम्मेदारियां निभाईं. उनके पास 3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान का अनुभव है और उन्होंने 18 से ज्यादा अलगअलग तरह के फाइटर एयरक्राफ्ट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं.



