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​​​​​नौ महीने की गर्भवती महिला की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा, इलाज को लेकर आमने-सामने आए परिजन और डॉक्टर​​​​

​​​​​नौ महीने की गर्भवती महिला की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा, इलाज को लेकर आमने-सामने आए परिजन और डॉक्टर​​​​

मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले के खुटौना बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में नौ महीने की गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिवार का आरोप है कि अस्पताल में इंजेक्शन दिए जाने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई थी। वहीं, अस्पताल के चिकित्सक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि महिला को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। दोनों पक्षों के अलग-अलग बयानों के बीच मौत की वास्तविक वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पेट में दर्द होने पर अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन

मृतका की पहचान शिवनगर गांव निवासी संतोष यादव की पत्नी रंजू कुमारी, करीब 30 वर्ष, के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, रंजू नौ महीने की गर्भवती थी। दवा खाने के बाद उसके पेट में अचानक दर्द होने लगा, जिसके बाद परिवार के लोग उसे इलाज के लिए खुटौना बाजार स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। वहां सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिलाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान उसे एक इंजेक्शन लगाया गया। परिवार का दावा है कि इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई और करीब एक घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मौत के कारणों को लेकर कोई चिकित्सकीय रिपोर्ट उपलब्ध होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

मौत के बाद परिजनों का आक्रोश

महिला की मौत की खबर मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने शव बाहर निकालकर ले जाने को कहा, जिसके बाद परिसर में हंगामा शुरू हो गया। कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलने पर खुटौना थानाध्यक्ष राकेश कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने परिजनों और वहां मौजूद लोगों को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई।

डॉक्टर ने बताई अलग बात

अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एके आनंद ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि रंजू कुमारी को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

इस तरह महिला की मौत को लेकर परिजनों और चिकित्सक के बयान अलग-अलग हैं। वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी की जांच महत्वपूर्ण होगी।

पोस्टमार्टम से इनकार, थाने में आवेदन का इंतजार

थानाध्यक्ष राकेश कुमार के अनुसार, अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया गया था।

पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, महिला की मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं। जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में आगे की स्थिति साफ हो सकेगी।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। अस्पताल और परिजनों के बयानों में अंतर है। मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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