बीजेपी ने आठ प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है, सपा दो प्रत्याशियों का नामांकन पहले ही करवा चुकी है. अखिलेश यादव ने तीसरे प्रत्याशी पर सस्पेंस बरकरार रखते हुए संख्या जुटाने की बात कही थी और ये भी कहा था कि हमारे कुछ लोग उधर से वापस आना चाहते हैं. कल यानी 6 अक्टूबर नामांकन का आखरी दिन, ऐसे में यदि कर सपा तीसरे प्रत्याशी वाला सरप्राइज देती है तो चुनाव में कंटेस्ट होना तय है.

अगर प्रत्याशियों की संख्या आठ और दो तक सीमित रहती है तो ऐसे में चुनाव नहीं होगा और निर्विरोध सभी दस प्रत्याशियों को चुना हुआ माना जाएगा. ऐसे में सभी निगाहें कल पर और अखिलेश यादव के अगली चाल पर टिकीं हैं.
क्या चुनाव में वोटिंग की नौबत ला कर खेला करने का प्रयास करेंगे अखिलेश यादव? या बीजेपी को परेशान करने के लिहाज से ही कैंडिडेट मैदान में उतारेंगे? सपा के लिए दो सीटें सिक्योर हैं, लेकिन तीसरा कैंडिडेट मतलब तोड़जोड़ और क्रॉस वोटिंग का खतरा है.
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