UP Floods: में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से बाढ़ का असर बढ़ता जा रहा है। यूपी के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 4 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। पीलीभीत में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है। नदी के तेज बहाव में किनारे बने मकान और बड़े पेड़ तक बह गए। बाराबंकी में भी कटान का खतरा बढ़ गया है। पिछले 10 दिनों में सैकड़ों बीघा जमीन और कई मकान नदी में समा चुके हैं।

खतरे के निशान को छूने वाली है गंगा
कानपुर और उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी किनारे बसे गांवों में कई जगह 10 फीट तक पानी भर गया है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। संगम के प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं। लेटे हनुमान जी का मंदिर 14 दिन से पानी में डूबा हुआ है। वाराणसी में भी घाटों के ऊपर पानी बह रहा है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
60 जिलों में बारिश का अलर्ट
शनिवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत 30 से ज्यादा शहरों में बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर हल्की धूप निकली। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में 60 जिलों में गरजचमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और झांसी समेत 20 शहरों में तेज बारिश हुई। खराब मौसम के कारण दिल्ली से वाराणसी जा रही इंडिगो की फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा और रात 9:45 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ा
नेपाल में हो रही लगातार बारिश का असर भी यूपी के सीमावर्ती इलाकों में दिखाई दे रहा है। लखीमपुर खीरी में नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
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अंतिम दौर में मानसून
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार यूपी में मानसून अब अंतिम दौर में है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद यूपी में मानसूनी एक्टिविटी कमजोर पड़ सकती हैं और बारिश में कमी आने की संभावना है। स्थानीय बादलों की वजह से कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
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