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​UP Tourism : घरेलू ओवरनाइट ट्रैवल में यूपी की बढ़ी हिस्सेदारी, ग्रामीण पर्यटन और सोलो ट्रैवलर के लिए मौका

​UP Tourism : घरेलू ओवरनाइट ट्रैवल में यूपी की बढ़ी हिस्सेदारी, ग्रामीण पर्यटन और सोलो ट्रैवलर के लिए मौका

लखनऊ, अमृत विचार। घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण के अनुसार 365 दिनों की अवधि में तीर्थ, छुट्टी, स्वास्थ्य और खरीदारी जैसे उद्देश्यों से होने वाली रात्रि यात्राओं में यूपी की हिस्सेदारी 15.7 फीसदी रही। इस मामले में तमिलनाडु 13.4 और राजस्थान आठ फीसदी हिस्सेदारी के साथ पीछे रहे। वहीं पिछले 30 दिनों में कारोबार, सामाजिक यात्रा, शिक्षाप्रशिक्षण समेत अन्य उद्देश्यों से होने वाली रात्रि यात्राओं में भी यूपी की हिस्सेदारी 15.5 फीसदी रही।

अयोध्याकाशीप्रयागराज से गांवों तक पहुंचा पर्यटन

प्रदेश सरकार अब पर्यटन को बड़े धार्मिक शहरों तक सीमित रखने के बजाय छोटे शहरों, गांवों और नए गंतव्यों तक ले जाने पर जोर दे रही है। पर्यटन नीति2022 के तहत 12 थीमैटिक सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज को जोड़ने वाला स्पिरिचुअल ट्रायंगल प्रमुख परियोजनाओं में है। विंध्य धाम, चित्रकूट, नैमिषारण्य, देवीपाटन और मां शाकुंभरी देवी क्षेत्रों में भी योजनाबद्ध पर्यटन विकास किया जा रहा है।

चित्रकूट और मिर्जापुर में बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक चित्रकूट में पर्यटकों की संख्या 2024 के 1.18 करोड़ से बढ़कर 2025 में 3.65 करोड़ हो गई। इसी अवधि में मिर्जापुर में पर्यटकों की संख्या 1.41 करोड़ से बढ़कर 2.10 करोड़ दर्ज की गई। प्रदेश में वर्ष 2017 से अब तक 3000 से अधिक पर्यटन परियोजनाएं करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से शुरू किए जाने की जानकारी विभाग ने दी है।

230 से अधिक गांवों में ग्रामीण पर्यटन

ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 230 से अधिक चयनित गांवों में होमस्टे, स्थानीय खानपान और पारंपरिक हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़ने की पहल की जा रही है। ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के जरिए प्रकृति आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

महिलाओं और अकेले सफर करने वालों पर फोकस

पर्यटन विभाग अब अकेले यात्रा करने वाले पर्यटकों और महिलाओं के समूहों यानी ‘ग्रुप ऑफ गर्ल्स’ पर्यटन को भी बढ़ावा देने की तैयारी में है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के अनुसार सुरक्षित और भरोसेमंद ठहरने की सुविधा, व्यवस्थित अनुभव और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर है। पर्यटन स्थलों को आसपास के विरासत स्थलों, स्थानीय खानपान और गांवों की परंपराओं से जोड़कर पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

युवाओं को जोड़ेगा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान युवाओं को स्थानीय संस्कृति और पर्यटन से जोड़ने के लिए ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान भी आगे बढ़ाया जा रहा है। दीपोत्सव, देव दीपावली और ब्रज रंगोत्सव जैसे आयोजन पर्यटन को सांस्कृतिक अनुभव से जोड़ रहे हैं। अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में कला कार्यशालाओं की भी योजना है।

सारनाथ को मिला विश्व धरोहर का दर्जा

वाराणसी का सारनाथ जुलाई 2026 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ। यूनेस्को के अनुसार ‘एंशिएंट बुद्धिस्ट साइट ऑफ सारनाथ’ को 48वें विश्व धरोहर समिति सत्र में सूचीबद्ध किया गया और यह भारत का 45वां विश्व धरोहर स्थल बना।

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