Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक 81 वर्षीय पुजारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुजारी ने बेटा पैदा होने की भविष्यवाणी की थी, लेकिन उसकी भविष्यवाणी गलत निकली, जिस पर गुस्सा शख्स ने पुजारी स्वामी देवानंद भारती गोली मार दी. पुलिस ने मामले में पितापुत्र समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उस समय घटना स्थल की बारीकी से जांच पड़ताल कर पुजारी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था. वहीं, पुलिस को घटनास्थल से एक फोटो भी मिला था.

जानकारी के मुताबिक, पुजारी स्वामी देवानंद भारती ने एक दंपति को बेटा होने की भविष्यवाणी की थी. पुलिस के अनुसार, पुजारी की भविष्यवाणी के बाद दंपति को बेटा नहीं हुआ, जिससे नाराज होकर शख्स ने पुजारी को गोली मार दी. आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के बाद पड़ोसी को फंसाने के लिए उसका फोटो घटनास्थल पर छोड़ दिया था. पुलिस को मौके से पड़ोसी का फोटो मिला था, मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया था. पुलिस ने गांव के ही एक व्यक्ति हाशिम और उसके बेटे जीशान को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और दो तमंचे के साथ कुछ कारतूस भी बरामद किए हैं.
बेटा नहींं होने पर की हत्या
पुलिस पूछताछ के दौरान पितापुत्र ने बताया है कि करीब डेढ़ महीने पूर्व हाशिम के बेटे जीशान की पत्नी को बच्चा होना था. जिसके लिए मंदिर के मृतक पुजारी स्वामी देवानंद भारती ने भविष्यवाणी की थी कि बेटा होगा, लेकिन बेटी होने पर पितापुत्र का पुजारी से विवाद हो गया था. साथ ही, इन दोनों पिता पुत्र का गांव के ही हरेंद्र नाम के एक व्यक्ति से भी विवाद था. जिसके बाद दोनों ने पुजारी की हत्या कर ग्रामीण हरेंद्र को फंसाने की साजिश रची थी.
पुलिस ने पितापुत्र को किया अरेस्ट
घटना के बारे में एसपी ग्रामीण अक्षय संजय ने जानकारी देते हुए कहा कि साजिश के चलते आरोपियों ने पहले पड़ोसी हरेंद्र के मोबाइल से किसी तरह उसका फोटो चुराया. 13 अक्टूबर की रात मंदिर प्रांगण में पुजारी देवेंद्र भारती की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस दौरान दोनों ने हरेंद्र के फोटो को घटनास्थल पर साजिश के तहत फेंका था, जिससे पुलिस को लगे कि यहां पर हरेंद्र आया था और शक सी सुई उसकी तरफ मुड़ जाए. पुलिस ने यक्ष ऐप के माध्यम से तकनीकी सहायता एवं सूचनाओं के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.


