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​फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने से क्या है क्रिप्टोकरेंसी का कनेक्शन, क्या अब और बढ़ेंगे दाम?

अमेरिका के केंद्रीय बैंक अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. इसके बाद दुनिया भर के निवेशकों की नजर अब बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी पर है. सवाल यह है कि अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने से क्रिप्टो की कीमतों पर क्या असर पड़ता है और क्या अब बिटकॉइन के दाम और बढ़ सकते हैं?

​फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने से क्या है क्रिप्टोकरेंसी का कनेक्शन, क्या अब और बढ़ेंगे दाम?

वैसे तो ब्याज दरों का क्रिप्टोकरेंसी से सीधा कोई लेनादेना नहीं है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ब्याज दरों के घटने या बढ़ने का असर क्रिप्टोकरेंसी पर नहीं होता है. बिटकॉइन की कीमत फेड के फैसले से पहले ही गिर चुकी थी. 4 सितंबर को यह करीब 82,163 डॉलर पर था, जबकि 16 सितंबर को फेड के फैसले से पहले भारत में यह करीब 75,743 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था. यानी इस दौरान बिटकॉइन करीब 8 प्रतिशत कमजोर हुआ. फेड के फैसले के बाद बिटकॉइन करीब 75,00076,000 डॉलर के आसपास बना रहा. बाजार को पहले से ही यह उम्मीद थी कि फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है. यही वजह है कि फैसले से पहले ही कुछ असर बिटकॉइन की कीमत में दिखाई दिया.

इस तरह होता है असर

असल में ब्याज दर और क्रिप्टो की कीमत का कनेक्शन निवेशकों के पैसे से जुड़ा है. जब ब्याज दर कम होती है, तो कर्ज लेना थोड़ा सस्ता होता है. साथ ही, सुरक्षित निवेश से मिलने वाला रिटर्न भी कम हो सकता है. ऐसे माहौल में कुछ निवेशक ज्यादा रिटर्न की उम्मीद में शेयर और क्रिप्टो जैसे जोखिम वाले विकल्पों में पैसा लगाते हैं.

जब अमेरिकी फेड ब्याज दर बढ़ाता है तो तस्वीर बदल सकती है. ब्याज दर बढ़ने के साथ सरकारी बॉन्ड और दूसरे ज्यादा सुरक्षित निवेश विकल्प निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं. ऐसे में कुछ निवेशक जोखिम वाले एसेट से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की तरफ जा सकते हैं. इसका दबाव बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों पर पड़ सकता है.

यानी आसान फॉर्मूला यह है ब्याज दर ज्यादा, तो जोखिम वाले निवेश में पैसे की चाह कुछ कम हो सकती है. ब्याज दर कम, तो जोखिम वाले निवेश में पैसा आने की संभावना बढ़ सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फेड के हर रेट फैसले के बाद बिटकॉइन की कीमत उसी दिशा में जाएगी.

क्या बिटकॉइन के दाम आगे बढ़ेंगे?

असली सवाल है कि क्या बिटकॉइन के दाम आगे बढ़ेंगे? इसका सीधा जवाब अभी देना मुश्किल है. इसकी कीमत पर सिर्फ ब्याज दर का असर नहीं पड़ता. निवेशकों का भरोसा, अमेरिकी बिटकॉइन ETF में पैसा आना या निकलना, महंगाई, डॉलर की चाल, वैश्विक बाजार और दूसरे देशों की ब्याज दरें भी महत्वपूर्ण हैं. अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF से भी हाल में पैसा निकला है. 15 सितंबर को करीब 450.4 मिलियन डॉलर और 16 सितंबर को करीब 295.9 मिलियन डॉलर की निकासी हुई. यानी दो दिनों में कुल करीब 746.3 मिलियन डॉलर निकाले गए. हालांकि, सिर्फ दो दिनों के आंकड़ों से यह कहना जल्दबाजी होगी कि निवेशक लंबे समय के लिए बिटकॉइन से पैसा निकाल रहे हैं.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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