
उल्हासनगर, महाराष्ट्र: उल्हासनगर में बुधवार रात एक सनसनीखेज हत्याकांड से इलाके में दहशत फैल गई। रेलवे स्टेशन के पास कैंप-4 इलाके में हरीश गजवानी पर धारदार हथियार से हमला करने के बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने पहले चॉपर से वार किए और फिर उनके सिर में दो गोलियां दाग दीं। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
भीड़भाड़ वाले इलाके में दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार रात करीब 8:30 बजे उल्हासनगर रेलवे स्टेशन के पास हुई। यह इलाका काफी भीड़भाड़ वाला है। हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल हरीश गजवानी को सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली।
सीसीटीवी में चॉपर लेकर जाता दिखा आरोपी
इस हत्याकांड से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज सामने आने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फुटेज में एक संदिग्ध हाथ में चॉपर लेकर दुकान के बाहर से जाता दिखाई देता है। उसके पीछे अन्य आरोपी भी नजर आने की बात कही गई है। पुलिस फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
2021 की पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के पीछे वर्ष 2021 से चली आ रही आपसी रंजिश की आशंका है। डीसीपी सचिन गोरे के अनुसार, क्राइम ब्रांच और पुलिस की अन्य टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को मिलिंद नगर इलाके से पकड़ा।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि मृतक पहले एक हत्या के मामले में आरोपी था और जमानत पर बाहर था। हालांकि, मौजूदा हत्याकांड के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में अविनाश नायडू, विजय पुरन सिंह और नूर आलम खान को गिरफ्तार किया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में केवल इन्हीं तीन लोगों की भूमिका थी या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों, आरोपियों की भूमिका और कथित पुरानी रंजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की जानकारी पुलिस की जांच और आधिकारिक बयानों के बाद स्पष्ट होगी।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। आरोपियों को दोषी ठहराने का निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है।



