
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक चाचा ने अपने ही भतीजे की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी, क्योंकि उसे शक था कि उसके भतीजे के अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध हैं। इस वारदात को अंजाम देने में चाचा ने अपने एक दोस्त को भी शामिल किया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
मामला भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे रघुराज मजरे सरायदामू गांव का है। पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर 2026 को सरोज कुमार यादव ने अपने बेटे शिवम यादव के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने शिवम की तलाश शुरू की। अगले दिन 6 सितंबर को उसका शव सई नदी से बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए जांच तेज कर दी।
भाभी से संबंध होने का था शक
जांच के दौरान पुलिस ने शिवम के मोबाइल और कॉल डिटेल समेत अन्य जानकारी खंगाली। पूछताछ और जांच की कड़ियों को जोड़ने के बाद पुलिस को सुभाष और उसके दोस्त उपेंद्र अवस्थी पर शक हुआ। दोनों से पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
पुलिस के अनुसार, सुभाष को शक था कि उसके भतीजे शिवम के उसकी भाभी के साथ अवैध संबंध हैं। उसका आरोप था कि शिवम के बार-बार घर आने-जाने और भाभी से नजदीकी के कारण परिवार की बदनामी हो रही थी। बताया गया कि सुभाष ने शिवम को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
इसके बाद सुभाष ने अपने दोस्त उपेंद्र अवस्थी के साथ मिलकर शिवम को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
जमीन में गड़े धन का लालच देकर बुलाया
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने शिवम को सुनसान स्थान पर बुलाने के लिए जमीन में गड़ा हुआ धन मिलने का लालच दिया। योजना के मुताबिक उसे कोरचंदामऊ के लोधवारी पुल के पास बुलाया गया।
पुलिस के अनुसार, 5 सितंबर की रात सुभाष और उपेंद्र ने मिलकर शिवम की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सई नदी में फेंक दिया गया। आरोपियों ने शिवम का मोबाइल फोन भी नदी में डाल दिया, ताकि पुलिस को जांच के दौरान कोई सुराग आसानी से न मिल सके।
हालांकि, पुलिस ने कॉल डिटेल और पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ लीं। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



