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​सुकन्या समृद्धि योजना का ये कैलकुलेशन समझिए, बेटी के लिए ऐसे जुड़ेंगे 70 लाख

हर मातापिता का सपना होता है कि उनकी बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक में पैसों की कोई कमी न आए. इस सपने को पूरा करने के लिए एक मजबूत भविष्य निधि होना बहुत जरूरी है. अगर आप भी अपनी लाडली के लिए कोई ऐसी स्कीम खोज रहे हैं जहां पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे, तो सुकन्या समृद्धि योजना एक शानदार विकल्प है. भारत सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पहल के तहत शुरू की गई ये योजना बेहतरीन रिटर्न के साथ टैक्स में भारी छूट भी देती है. सबसे खास बात ये है कि इसमें जोखिम बिल्कुल नहीं है. आइए आपको बताते हैं कि कैसे आप अपनी बेटी के लिए एक बड़ा कॉर्पस तैयार कर सकते हैं.

खाता खोलने के नियम

ये योजना खास तौर पर बच्चियों के आर्थिक भविष्य को मजबूत करने के लिए बनाई गई है. बेटी के जन्म से लेकर उसके 10 साल की होने तक, मातापिता या कानूनी अभिभावक उसका खाता खुलवा सकते हैं. एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए ही ये सुविधा मिलती है. हालांकि अगर जुड़वां या एक साथ तीन बेटियां जन्म लेती हैं, तो विशेष परिस्थिति में दो से ज्यादा खाते खोलने की छूट भी सरकार देती है.

निवेश की लचीली शर्तें

इस स्कीम में पैसे जमा करने की शर्तें बेहद आसान रखी गई हैं. आप एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 250 रुपये से शुरुआत कर सकते हैं. अधिकतम निवेश की सीमा 1.5 लाख रुपये तय की गई है. आपको ये रकम साल में एक बार में जमा करने की बाध्यता नहीं है. आप अपनी सहूलियत के हिसाब से इसे अलगअलग किस्तों में भी जमा कर सकते हैं. इस योजना में खाता खुलने की तारीख से केवल 15 साल तक ही पैसे जमा करने होते हैं. खाते का मैच्योरिटी पीरियड 21 साल का होता है. इसका सीधा मतलब है कि 15 साल बाद निवेश बंद होने के बावजूद, बचे हुए 6 सालों तक आपकी जमा रकम पर चक्रवृद्धि ब्याज जुड़ता रहता है.

तगड़ा ब्याज, बंपर टैक्स छूट

सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार समयसमय पर करती है. फिलहाल इस योजना पर 8.20% सालाना की दर से ब्याज दिया जा रहा है. ये दर बैंक एफडी के साथसाथ अन्य सरकारी बचत योजनाओं के मुकाबले काफी ज्यादा है. इसके साथ ही, इस योजना को ‘EEE’ स्टेटस हासिल है. इसका मतलब है कि इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर आपको टैक्स छूट मिलती है. खाते पर मिलने वाला सालाना ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है. 21 साल बाद मिलने वाली मैच्योरिटी की पूरी रकम पर भी कोई टैक्स नहीं लगता.

ऐसे बनेगा 70 लाख का फंड

अगर आप इस योजना का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं, तो इसका कैलकुलेशन समझना जरूरी है. मान लीजिए आप अपनी बेटी के नाम पर हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश करते हैं. 15 सालों में आपकी कुल जमा रकम 22.50 लाख रुपये हो जाएगी. मौजूदा 8.20% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज के हिसाब से जब ये खाता 21 साल बाद मैच्योर होगा, तो आपको लगभग 70 लाख रुपये से ज्यादा का फंड मिलेगा. आपको बता दें कि मैच्योरिटी राशि सरकार की तरफ से तय होने वाली ब्याज दरों पर निर्भर करती है.

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