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सीकर: 100 बीघा में बना अनोखा देसी होटल, गोबर-मिट्टी के कमरों में मिलता है सुकून, जानिए कितना है किराया’

सीकर: 100 बीघा में बना अनोखा देसी होटल, गोबर-मिट्टी के कमरों में मिलता है सुकून, जानिए कितना है किराया’

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग छुट्टियां बिताने के लिए ऐसी जगहों की तलाश करते हैं, जहां प्रकृति के करीब रहकर कुछ समय शांति से गुजारा जा सके। राजस्थान के सीकर में मौजूद ‘जोर की ढाणी’ ऐसा ही एक अनोखा ठिकाना है। यहां आलीशान इमारतों और आधुनिक सुविधाओं के बजाय मिट्टी, गोबर, देसी खानपान और ग्रामीण जीवनशैली को खास महत्व दिया गया है। करीब 100 बीघा में फैली इस जगह पर पर्यटक प्राकृतिक माहौल का आनंद लेने के साथ गायों की सेवा और घुड़सवारी जैसी गतिविधियों का अनुभव भी कर सकते हैं।

सुशीला राठौर ने बंजर जमीन पर तैयार की देसी ढाणी

जोर की ढाणी की शुरुआत सुशीला राठौर ने की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2005 में उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन पर घर बनाने का काम शुरू किया। उस समय जमीन पर बिजली और पानी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। शुरुआती दौर में उन्होंने लगभग 50 बीघा क्षेत्र में तीन कमरे बनाए।

सुशीला ने निर्माण में सीमेंट के बजाय मिट्टी और स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। मिट्टी की ईंटें तैयार की गईं और दीवारों पर गोबर का लेप किया गया। बाद में वर्ष 2007 में इस जगह को एग्रो टूरिज्म यानी कृषि पर्यटन के रूप में विकसित करना शुरू किया गया।

राजस्थान में गांव से दूर खेतों के बीच बने घरों को आमतौर पर ‘ढाणी’ कहा जाता है। इसी ग्रामीण पहचान के साथ इस जगह का नाम जोर की ढाणी रखा गया।

गोबर और मिट्टी से बने कमरों में ठहरते हैं पर्यटक

इस देसी ठिकाने की सबसे खास बात यहां के मिट्टी और गोबर से तैयार किए गए पारंपरिक कमरे हैं। इनके निर्माण में स्थानीय सामग्री और ग्रामीण वास्तुकला को प्राथमिकता दी गई है। संचालक के अनुसार, इन कमरों का तापमान मौसम के लिहाज से अपेक्षाकृत अनुकूल रहता है, इसलिए यहां पारंपरिक तरीके से रहने का अनुभव मिलता है।

यहां आने वाले पर्यटक केवल ठहरने के लिए नहीं, बल्कि शहरी जीवन से दूर कुछ समय बिताने के लिए भी पहुंचते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विदेशों से भी पर्यटक यहां आते हैं और कई लोग कई दिनों तक रुककर ग्रामीण जीवनशैली को करीब से समझते हैं।

कितना है एक रात के कमरे का किराया?

जोर की ढाणी में कमरों का किराया कमरे के आकार और ठहरने की व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग बताया गया है।

रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक:

  • शुरुआती किराया: लगभग 1,200 रुपये प्रति रात।
  • 12×10 फीट का कमरा: करीब 2,000 रुपये प

contact.satyareport@gmail.com

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