Ghazipur Crime News: गाजीपुर के चर्चित दीपक राजभर हत्याकांड में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी संदेश चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे आरोपी को लखनऊ एसटीएफ और गाजीपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया.

जानकारी के अनुसार, 11 जनवरी को कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बेलसडी गांव निवासी दीपक राजभर की नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें संदेश चौधरी का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया. घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था.
कैसे गिरफ्त में आया आरोपी?
पुलिस के मुताबिक, लखनऊ एसटीएफ को संदेश चौधरी की लोकेशन की सूचना मिली थी. इसके बाद एसटीएफ और गाजीपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की. कासिमाबाद थाना क्षेत्र स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर दबिश के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. कार्रवाई में एसटीएफ प्रभारी उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह यादव और सर्विलांस प्रभारी उप निरीक्षक सुमित बालियान की अहम भूमिका रही.
आरोपी पर दर्ज हैं 8 मामले
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दीपक राजभर की हत्या की थी. पुलिस के अनुसार संदेश चौधरी के खिलाफ गाजीपुर के विभिन्न थानों में कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं. हत्या के इस मामले में उसके कई साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि वह लगातार फरार चल रहा था.
दीपक राजभर हत्याकांड उस समय काफी चर्चा में आया था, क्योंकि शुरुआती दौर में शक एक ऐसे परिवार पर गया था जिसकी बेटी के साथ दीपक कुछ दिनों तक फरार रहा था. हालांकि बाद में पुलिस जांच में मामला अलग दिशा में निकला. इस दौरान कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे और पुलिस को निष्पक्ष जांच कर असली आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए थे.



