UP Government Rani Laxmibai Free Scooty Scheme For College Students: उत्तर प्रदेश की मेधावी बेटियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ के जरिए एक बड़ी सौगात दी है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना के दिशानिर्देशों को मंजूरी मिल गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

छात्राओं की राह होगी आसान
योगी सरकार का मानना है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में परिवहन की उचित सुविधा न होने के कारण कई छात्राएं अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। इसी ‘ड्रॉपआउट’ दर को कम करने और उच्च शिक्षा में छात्राओं का नामांकन बढ़ाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, यह योजना छात्राओं की गतिशीलता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
जानें पात्रता की शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य शर्तें तय की हैं:
- छात्रा उत्तर प्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए।
- लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जिन्होंने शैक्षणिक सत्र 202526 में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
- छात्रा ने अपनी डिग्री किसी भी राज्य विश्वविद्यालय, प्राइवेट यूनिवर्सिटी या उनसे संबद्ध राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों से प्राप्त की हो।
मेरिट आधारित होगा चयन
यह योजना प्रदेश की सभी छात्राओं के लिए नहीं है। ने इसके लिए एक मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया तय की है। स्नातक उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं की एक सूची तैयार की जाएगी और उनमें से टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को ही इस योजना के लिए पात्र माना जाएगा। यानी बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाली बेटियों को प्राथमिकता मिलेगी।
स्कूटी के साथ मिलेगा पूरा ‘गिफ्ट पैक’
सरकार छात्राओं को केवल वाहन ही नहीं दे रही बल्कि उनके शुरुआती खर्चों का भी ध्यान रख रही है। चयनित छात्राओं को स्कूटी के साथ निम्नलिखित चीजें मुफ्त मिलेंगी:
1. गाड़ी का रजिस्ट्रेशन।
2. कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस ।
3. एक सुरक्षित ISI मार्क वाला हेलमेट।
4. शुरुआत के लिए 4 लीटर पेट्रोल।
5. जरूरी एक्सेसरीज।
पेट्रोल स्कूटी देने के पीछे है खास वजह
के दौर में सरकार ने पेट्रोल स्कूटी देने का फैसला किया है। इसके पीछे मुख्य तर्क यह है कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर की उपलब्धता इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की तुलना में बेहतर है। इससे छात्राओं को भविष्य में चार्जिंग या रखरखाव संबंधी तकनीकी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। इन गाड़ियों की खरीद सरकारी ईमार्केटप्लेस GeM पोर्टल के जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
आवेदन के लिए करना होगा थोड़ा इंतजार
कैबिनेट ने फिलहाल गाइडलाइंस को मंजूरी दी है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल, जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट और आवेदन की अंतिम तिथि के बारे में विस्तृत जानकारी सरकार द्वारा जल्द ही अलग से जारी की जाएगी पात्र छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और अपने कॉलेज की सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।


