उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से सियासी पारा लगातार गरम किया जा रहा है. इसी कवायद में चुनाव से पहले यूपी में एक बार फिर कब्रिस्तान बनाम श्मशान का नैरेटिव सेट करने की कोशिश की जा रही है. मंत्री रविंद्र जायसवाल के कब्रिस्तान से जुड़े बयान पर सपा ने कार्यकर्ताओं की राज्यपाल से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है.

प्रदेश सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए विवादित बयान देकर साल 2017 की तर्ज पर एक बार फिर से कब्रिस्तान बनाम श्मशान का नैरेटिव सेट करने की कोशिश की है. चंदौली में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने जब राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल से यह सवाल किया कि अखिलेश यादव चंदा चोरी के मामले में बीजेपी के बड़ेबड़े नेताओं पर भी आरोप लगा रहे हैं कि वो इस मसले पर क्यों चुप हैं?
‘…तब श्मशान के लिए फंड नहीं दिया’
इस सवाल पर जायसवाल ने कहा “अखिलेश यादव जब सीएम थे और मैं विधायक. तब अखिलेश ने कब्रिस्तानों के चारों ओर बाउंड्री बनाने के लिए फंड जारी किया. इस पर मैंने उनसे कहा कि आप कब्रिस्तानों को फंड दे रहे हो तो श्मशान को भी फंड दे दो. लेकिन उनसे श्मशान के लिए फंड भी नहीं निकला.”
उन्होंने आगे कहा, “ये जालीदार टोपी और लुंगी वालों की नजर में अपना पॉइंट बढ़ा रहे हैं. अयोध्या से जो घाव हिंदू समाज को लगा है उसको अखिलेश यादव कुरेद रहे हैं. उन्होंने कहा कि सभी को मंदिरों की चिंता है, आखिर क्यों? चर्च और जामा मस्जिद का पैसा कहां जाता है? अखिलेश यादव ये सवाल क्यों नहीं पूछते हैं?”
मंत्री की ऐसी भाषा होती हैः प्रभु नारायण
रविंद्र जायसवाल के इस विवादित बयान पर समाजवादी पार्टी के सकलडीहा से विधायक प्रभु नारायण यादव ने मंत्री के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी. प्रभु नारायण ने कहा कि ‘जैसी भाषा इन महाशय की है क्या उससे लगता है कि कोई मंत्री ऐसा भी बोल सकता है? क्या मंत्री को ऐसा ही संस्कार मिला है? जो भाषा इनको पढ़ाया गया है ये वही बोलेंगे. ये वो लोग हैं जो भगवान राम को भी नही छोड़ें.
सपा विधायक आशुतोष सिन्हा ने कहा चंदा चोरी से ध्यान भटकाने और मुद्दा डाइवर्ट करने के लिए रविंद्र जायसवाल ने हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के ख़िलाफ विवादित बयान दिया है. इस बयान के बाद ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी भड़क गए. कई कार्यकर्ताओं ने मंत्री रविंद्र जायसवाल के पोस्टर को जूते चप्पल से भी पीटा.
केस डाइवर्ट करने की कोशिशः विजय
पूरे विवाद पर वरिष्ठ पत्रकार विजय नारायण का कहना है कि मंत्री जायसवाल का बयान ये बता रहा है कि मंत्री जी इस पूरे मामले को डाइवर्ट करने की कोशिश में हैं. मूल सवाल से ये भाग रहे हैं क्योंकि इनके पास कोई जवाब नहीं है. चोरी हुई है ये तो ये भी मान रहे हैं. लेकिन इनको मामला अब डाइवर्ट करना है. अब इनके एजेंडे में चंपत राय को बचाने की कोशिश और अयोध्या प्रकरण से ध्यान भटकाना है.



