UP TET Exam 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन आज, 2 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह परीक्षा तीन दिनों तक यानी 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के 60 जिलों में बने 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस बार करीब 19.95 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें उत्तर प्रदेश के साथसाथ देश के कई अन्य राज्यों के उम्मीदवार भी शामिल हैं।

पेपर लीक की आशंका के बीच कड़ी सुरक्षा
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले को देखते हुए इस बार यूपी टीईटी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एसटीएफ और खुफिया एजेंसियां पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रख रही हैं। कई कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी। गौरतलब है कि वर्ष 2021 में यूपी टीईटी का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है।
पांच पालियों में होगी परीक्षा
यूपी टीईटी का आयोजन कुल पांच पालियों में किया जाएगा।
- 2 जुलाई: उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा
- 3 जुलाई: पहली पाली में उच्च प्राथमिक और दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर
- 4 जुलाई: पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा
परीक्षा से जुड़े अहम आंकड़े
- कुल पंजीकृत अभ्यर्थी: 19,94,661
- उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थी: 17,67,180
- अन्य राज्यों के अभ्यर्थी: 2,27,481
- सेवारत शिक्षक: 1,85,791
- नए अभ्यर्थी: 18,08,870
प्राथमिक स्तर के लिए 3.88 लाख, उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 8.16 लाख और दोनों स्तरों के लिए 3.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
जौनपुर से सबसे ज्यादा आवेदन
इस बार सबसे अधिक 67,597 अभ्यर्थियों ने जौनपुर से पंजीकरण कराया है। वहीं, सबसे कम एक अभ्यर्थी लद्दाख से परीक्षा देगा। इसके अलावा बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं।
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दूसरे राज्यों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्यमंत्री के निर्देश पर रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख यातायात केंद्रों पर विशेष सहायता व्यवस्था की गई है। अतिरिक्त बसों और परिवहन सेवाओं की व्यवस्था की गई है ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान खानेपीने की वस्तुओं के दाम अनावश्यक रूप से न बढ़ाए जाएं और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
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